आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू को बड़ी राहत, कौशल विकास निगम मामले में ईडी ने दी क्लीन चिट

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को कौशल विकास निगम मामले में ईडी से क्लीन चिट मिली. पूरक आरोपपत्र में कहा गया कि मनी लॉन्ड्रिंग में उनकी कोई भूमिका नहीं. 2023 में 53 दिन जेल काटने के बाद यह बड़ी राहत है. टीडीपी ने इसे सत्य की जीत बताया.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

आंध्र प्रदेशः आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को कौशल विकास निगम मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से बड़ी राहत मिली है. ईडी ने कहा है कि कथित मनी लॉन्ड्रिंग में उनकी कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका नहीं है. विशाखापत्तनम की विशेष पीएमएलए अदालत में 31 जनवरी को दाखिल पूरक आरोपपत्र में ईडी ने स्पष्ट किया कि जांच में नायडू को आरोपी बनाने के कोई सबूत नहीं मिले, इसलिए उन्हें मामले में शामिल नहीं किया गया.

ईडी की जांच में क्लीन चिट

यह मामला आंध्र प्रदेश राज्य कौशल विकास निगम (एपीएसएसडीसी) से जुड़ा है, जहां सिमेंस प्रोजेक्ट के तहत सरकारी फंड्स के दुरुपयोग का आरोप था. जांच में पाया गया कि कुछ निजी कंपनियों और व्यक्तियों ने फंड्स को शेल कंपनियों के जरिए डायवर्ट किया और फर्जी इनवॉइस पर पैसे निकाले.

ईडी ने डिजाइनटेक सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके एमडी विकास खानवेलकर समेत अन्य पर कार्रवाई की, लेकिन नायडू का नाम आरोपियों में नहीं लिया. एजेंसी ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग के प्रोसीड्स में नायडू की कोई भूमिका नहीं पाई गई. इससे पहले अप्रैल 2024 में ईडी ने भी इसी तरह की बात कही थी, लेकिन अब पूरक चार्जशीट में इसे औपचारिक रूप दिया गया है.

राजनीतिक विवाद

सितंबर 2023 में वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान नायडू को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था. आरोप था कि कौशल विकास परियोजना में 300 करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला हुआ. नायडू ने 53 दिनों से ज्यादा समय राजमुंदरी सेंट्रल जेल में बिताया. अक्टूबर 2023 में हाईकोर्ट से जमानत मिली. नायडू ने हमेशा इन आरोपों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया और कहा कि यह उनके खिलाफ साजिश थी.

इससे पहले आंध्र प्रदेश सीआईडी ने भी जनवरी 2026 में विजयवाड़ा एसीबी कोर्ट को बताया कि नायडू की कोई संलिप्तता नहीं है. कोर्ट ने केस बंद करने की अनुमति दी और कहा कि आरोप साबित करने का कोई आधार नहीं. ईडी की ताजा रिपोर्ट इस फैसले को और मजबूत करती है.

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

टीडीपी नेताओं ने इसे सत्य की जीत बताया. कृषि मंत्री अचन्ना नायडू ने कहा कि यह नायडू के निष्कलंक राजनीतिक जीवन की बड़ी जीत है. उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार ने राजनीतिक बदले के लिए केस बनाया. वहीं, विपक्षी नेता इसे जांच एजेंसियों पर दबाव का नतीजा बता रहे हैं.

यह घटनाक्रम आंध्र प्रदेश की राजनीति में बड़ा मोड़ है. नायडू की सरकार अब इस मामले को पूरी तरह पीछे छोड़कर विकास कार्यों पर फोकस कर सकती है. ईडी की जांच से साफ हुआ कि घोटाले में कुछ निजी पक्षकार शामिल थे, लेकिन मुख्यमंत्री का कोई लिंक नहीं. नायडू ने कहा कि सत्य आखिरकार जीतता है और यह फैसला उनकी छवि को मजबूत करता है. मामले में अब अन्य आरोपियों पर कार्रवाई जारी रहेगी.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag