Bangladesh की ताजा ख़बरें
Bangladesh
Bangladesh
गंगा जल संधि से सांप्रदायिक मुद्दों तक, तारिक रहमान के सलाहकार के बयान से क्यों बढ़ी सियासी हलचल?
बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बीच तारिक रहमान के सलाहकार हुमायूं कबीर का भारत और गंगा जल संधि पर दिया गया बयान नई सियासी बहस को जन्म दे रहा है. उनके बयान को नई सरकार की विदेश नीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे भारत-बांग्लादेश संबंधों पर असर पड़ सकता है.
मुंशीगंज में चुनाव परिणामों के बाद हिंसा: 1 की मौत, 10 घायल... कई जिलों में फैला तनाव
बांग्लादेश के मुंशीगंज में संसदीय चुनाव परिणामों के एक दिन बाद हिंसा भड़क उठी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 10 लोग घायल हो गए. घटना के बाद ढाका विश्वविद्यालय के छात्रों ने न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन किया, जबकि प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा कड़ी कर अतिरिक्त बल तैनात कर दिए हैं.
बांग्लादेश में तारिक रहमान की जीत से भारत को फायदा या नुकसान? 5 पॉइंट्स में समझें पूरा समीकरण
बांग्लादेश में हुए हालिया चुनाव में तारिक रहमानक की पार्टी बीएनपी ने बड़ी जीत हासिल की है. इस जीत से सिर्फ बांग्लादेश ही नहीं बल्कि भारत में खुश है. पीएम मोदी ने खुद जीत की बधाई दी है. ऐसे में आइए जानते हैं इस जीत से भारत को कितना फायदा होने वाला है.
बांग्लादेश की राजनीति में नया अध्याय... कौन है अगले PM पद के उम्मीदवार तारिक रहमान? भारत से कैसे रिश्ते
बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी बहुमत के करीब पहुंच गई है. पार्टी प्रमुख तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने की चर्चा तेज है. अंतिम फैसला बाकी है, लेकिन राजनीतिक माहौल में सत्ता परिवर्तन के संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं.
बांग्लादेश में लड़की बहिन, आयुष्मान भारत? बांग्लादेश के घोषणापत्र में भारतीय योजनाओं की झलक
भारत में ये योजनाएं चुनावी हथियार साबित हुईं. बांग्लादेश में महिलाएं मतदाताओं में ज्यादा हैं, इसलिए ये वादे गेम-चेंजर बन सकते हैं. अशांति के बाद वोटरों का भरोसा जीतने की कोशिश है. लेकिन क्या ये वादे अमल होंगे? 12 फरवरी का रिजल्ट बताएगा कि 'फ्रीबीज' राजनीति का असर सीमा पार कितना मजबूत है.
Bangladesh Election : BNP और जमात में कड़ा मुकाबला...हिंदू समुदाय को लुभाने की कोशिश, जानिए भारत-चीन संबंधों को कैसे तय करेगा परिणाम ?
बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को संसदीय चुनाव होने जा रहे हैं, जो देश के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है. शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद यह पहला बड़ा मतदान है, जिसमें बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी मुख्य मुकाबले में हैं. 12.7 करोड़ मतदाता 300 सीटों के लिए वोट डालेंगे, साथ ही संवैधानिक सुधारों पर रेफरेंडम भी होगा.

