नमाज़ के दौरान अंदर घुसकर खुद को उड़ा लिया, चश्मदीदों ने बताई 'आत्मघाती' विस्फोट से ठीक पहले की कहानी

इस्लामाबाद के तरलाई कलां इमामबाड़ा पर शुक्रवार को आत्मघाती हमला: मुख्य द्वार पर हमलावर ने खुद को उड़ा लिया. 31 मौतें, 130 से अधिक घायल. प्रत्यक्षदर्शी बोले कि गोलीबारी अंदर दाखिल होकर धमाका किया गया. अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित कर दी गई.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्लीः इस्लामाबाद के तरलाई कलां इलाके में स्थित इमामबाड़ा क़स्र-ए-ख़दीजतुल कुबरा पर शुक्रवार दोपहर एक भयानक आत्मघाती हमला हुआ. जुमे की नमाज़ के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो रहे थे, तभी एक हमलावर ने मुख्य द्वार पर खुद को उड़ा लिया. इस धमाके में अब तक कम से कम 31 लोगों की मौत हो चुकी है और 130 से अधिक घायल हैं. मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है.

प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या बताया?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर को मुख्य द्वार पर सुरक्षा गार्डों ने रोका. लेकिन वह गोलीबारी करते हुए अंदर दाखिल हो गया और लगभग 20 मीटर दौड़कर परिसर में विस्फोटक बेल्ट फोड़ दिया. जियो न्यूज के मुताबिक, एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, “वह गार्डों से झगड़ते हुए अंदर भागा और नमाज़ के बीच धमाका कर दिया.” धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि इमामबाड़ा की तीन मंजिला इमारत की खिड़कियां चकनाचूर हो गईं और आसपास की आवासीय इमारतों को भी नुकसान पहुंचा.

हुसैन शाह नामक एक उपासक ने बताया, “मैं प्रांगण में नमाज पढ़ रहा था. अचानक जोरदार धमाका हुआ. चारों ओर अफरा-तफरी मच गई. मैंने अंदर करीब 30 शव देखे, घायल चीख रहे थे.” कई घायलों को स्ट्रेचर पर या निजी गाड़ियों में अस्पताल पहुंचाया गया. कुछ की हालत इतनी गंभीर थी कि उन्हें कार की डिक्की में लाया गया.

अस्पतालों में इमरजेंसी

विस्फोट के बाद इलाके को सेना, रेंजर्स और पुलिस ने घेर लिया. घायलों को तुरंत पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीआईएमएस), पॉलीक्लिनिक और सीडीए अस्पताल पहुंचाया गया. अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया. डिप्टी कमिश्नर इरफान नवाज मेमन ने कहा कि मरीजों की संख्या बढ़ने पर कुछ को रावलपिंडी के अस्पतालों में शिफ्ट किया गया. आपातकालीन वार्ड के बाहर रिश्तेदार रोते-चिल्लाते नजर आए. बचाव दल अभी भी मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे हैं. बम निरोधक दस्ता विस्फोट की प्रकृति और इस्तेमाल हुए विस्फोटक की जांच कर रहा है.

पिछले हमले

यह हमला इस्लामाबाद में सुरक्षा के लिहाज से बड़ा झटका है. राजधानी में पहले भी ऐसे हमले हो चुके हैं. नवंबर 2025 में जी-11 इलाके में एक आत्मघाती हमले में 12 लोग मारे गए थे, जिसकी जिम्मेदारी टीटीपी के गुट ने ली थी.

विशेषज्ञों का कहना है कि शिया पूजा स्थलों पर ऐसे हमले सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की कोशिश होते हैं. पुलिस और खुफिया एजेंसियां हमलावर की पहचान, उसके साथियों और मकसद की जांच में जुटी हैं. शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और महत्वपूर्ण स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं. इस घटना ने पूरे पाकिस्तान में शोक की लहर दौड़ पड़ी.

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