इमामबाड़ा में नमाज के लिए इकट्ठा हुए लोग, पाकिस्तान में आत्मघाती विस्फोट में 31 की मौत, इलाके में मचा हड़कंप
इस्लामाबाद के तरलाई कलां में इमामबाड़ा क़स्र-ए-ख़दीजतुल कुबरा के मुख्य द्वार पर शुक्रवार को आत्मघाती हमलावर ने विस्फोट किया. 25 से अधिक लोग घायल हुए, कई की हालत गंभीर. शहर में आपातकाल घोषित, जांच जारी.

नई दिल्लीः पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार को एक बड़ा आतंकवादी हमला हुआ, जिसने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया. तरलाई कलां इलाके में स्थित इमामबाड़ा कस्र-ए-खदीजतुल कुबरा (या तरलाई इमामबाड़ा) के मुख्य द्वार पर एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटक बेल्ट detonating कर दिया. यह घटना दोपहर के समय हुई, जब जुमे की नमाज के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो रहे थे. हमले में 31 लोगों की मौत हो गई.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर ने इमामबाड़ा के प्रवेश द्वार पर खुद को उड़ा लिया, जिससे धमाका इतना जोरदार था कि आसपास के इलाके में धुआं और अफरा-तफरी मच गई. इस्लामाबाद पुलिस के प्रवक्ता ताकी जवाद ने पुष्टि की कि यह एक इमामबाड़ा पर हमला था, जो मुख्य रूप से शिया समुदाय का पूजा स्थल है.
घायलों की संख्या
हमले में कम से कम 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. घायलों को तुरंत पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीआईएमएस) और पॉलीक्लिनिक अस्पताल पहुंचाया गया. बचाव दल और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और घायलों को निकालने का काम शुरू किया. कुछ स्रोतों ने मौतों की आशंका जताई है, लेकिन अभी तक आधिकारिक तौर पर मृतकों की संख्या की पुष्टि नहीं हुई. अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है और कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है.
इस्लामाबाद के पुलिस महानिरीक्षक ने पूरे शहर में आपातकाल घोषित कर दिया. बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) घटनास्थल पर जांच में जुटा है ताकि विस्फोट की प्रकृति और इस्तेमाल हुए सामग्री का पता लगाया जा सके.
पिछले हमलों की छाया
यह हमला इस्लामाबाद में सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा झटका है. नवंबर 2025 में जी-11 इलाके के जिला एवं सत्र न्यायालय के बाहर हुए आत्मघाती विस्फोट में 12 लोग मारे गए थे और 30 से ज्यादा घायल हुए थे. उस हमले की जिम्मेदारी जमात-उल-अहरार (टीटीपी का एक गुट) ने ली थी. इसके अलावा जनवरी 2026 में एक घरेलू गैस सिलेंडर विस्फोट से 8 लोगों की मौत हुई थी.
ये घटनाएं पाकिस्तान में बढ़ते उग्रवाद और मिलिटेंसी की ओर इशारा करती हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि शिया पूजा स्थलों पर ऐसे हमले अक्सर सांप्रदायिक हिंसा को भड़काने की कोशिश होते हैं. इस हमले से राजधानी में पहले से मौजूद सुरक्षा चिंताएं और बढ़ गई हैं.
जांच और सुरक्षा कदम
पुलिस और खुफिया एजेंसियां हमलावर की पहचान, उसके संभावित साथियों और मकसद की गहन जांच कर रही हैं. शहर भर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और महत्वपूर्ण स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं.


