धन्यवाद, पाकिस्तान: क्रिकेट या राजनीति? भारत के खिलाफ बांग्लादेश-पाकिस्तान की गुप्त रणनीति आई सामने
टी20 विश्व कप 2026 से पहले बांग्लादेश और पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच बहिष्कार का फैसला किया. बांग्लादेश ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला दिया, जबकि पाकिस्तान ने उसका समर्थन किया. यह विवाद खेल से ज्यादा क्षेत्रीय राजनीति से जुड़ा माना जा रहा है.

नई दिल्ली: टी20 विश्व कप 2026 से पहले एक बड़ा राजनीतिक विवाद सामने आया है. खबर है कि बांग्लादेश और पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ चुपचाप एक साझा रणनीति बनाई थी. बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने खुलकर पाकिस्तान का आभार जताया और कहा कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ होने वाले मैच का बहिष्कार कर बांग्लादेश का साथ दिया है.
नजरुल ने फेसबुक पर पोस्ट करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को धन्यवाद कहा. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि,"धन्यवाद, पाकिस्तान." उन्होंने आगे बताया कि शरीफ ने घोषणा की है कि बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर किए जाने के विरोध में पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेगा.
पाकिस्तान का आधिकारिक रुख
इस्लामाबाद में हुई एक सरकारी बैठक में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने साफ कहा कि उनकी सरकार ने सोच-समझकर यह फैसला लिया है. उनका कहना था कि खेल के मैदान पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए पाकिस्तान बांग्लादेश के साथ खड़ा रहेगा. यह पहली बार था जब पाकिस्तान सरकार या पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की ओर से इस बहिष्कार को लेकर सार्वजनिक बयान दिया गया.
बांग्लादेश की दलील और उठे सवाल
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने भारत में सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए अपनी टीम भेजने से इनकार कर दिया था. इसके बाद आईसीसी ने बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को मैच खेलने का मौका दिया. हालांकि, बांग्लादेश के इस दावे पर सवाल भी उठे. जिस समय क्रिकेट टीम को भारत भेजने से मना किया गया, उसी दौरान एक बांग्लादेशी खिलाड़ी एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचा. इससे सुरक्षा वाले तर्क पर विरोधाभास सामने आया.
हसीना सरकार के बाद बदले हालात
अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा बदलाव आया. नई अंतरिम सरकार, जिसका नेतृत्व मोहम्मद यूनुस कर रहे हैं, पाकिस्तान के साथ रिश्ते मजबूत करती दिख रही है. पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच कई उच्च स्तरीय मुलाकातें हुईं. व्यापार में बढ़ोतरी दर्ज की गई और करीब 1 अरब डॉलर के निवेश लक्ष्य के साथ समझौते हुए. 14 साल बाद ढाका और इस्लामाबाद के बीच सीधी उड़ानें भी फिर से शुरू हो गईं.
दोनों देशों के बीच सैन्य संबंध भी मजबूत हुए हैं. बांग्लादेश वायु सेना प्रमुख ने पाकिस्तान का दौरा किया और जेएफ-17 लड़ाकू विमान खरीदने में रुचि दिखाई. दोनों देशों की सेनाओं ने संयुक्त समुद्री अभ्यास में भी हिस्सा लिया. सीधे समुद्री व्यापार की बहाली और बंदरगाह सुविधाओं में सहयोग जैसे कदम भी उठाए गए हैं. वीजा नियमों में ढील और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी संबंधों को नई दिशा दी है.


