अजित डोभाल की एक चाल से हिला अमेरिका का 'टैरिफ प्लान'!
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर एक अहम खुलासा सामने आया है. नई रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने अमेरिकी दबाव के आगे झुकने के बजाय धैर्य के साथ रणनीतिक रुख अपनाया और जरूरत पड़ने पर समझौते को टालने का संकेत भी दिया.
नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर दिलचस्प कूटनीतिक जानकारी सामने आई है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, भारत पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के समाप्त होने तक भी व्यापार समझौते का इंतजार करने को तैयार था. यह संदेश अमेरिका को पहले ही दे दिया गया था.
रिपोर्ट बताती है कि सितंबर 2025 में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच हुई बैठक में डोवाल ने स्पष्ट कहा था कि भारत ट्रंप या उनके करीबी सहयोगियों के दबाव में आने वाला नहीं है. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर माहौल में तल्खी बनी रहती है तो भारत 2029 तक भी डील को टाल सकता है.यह बातचीत उस समय हुई थी जब ट्रंप प्रशासन भारत पर लगातार बयानबाजी कर रहा था और भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया गया था. इसके बावजूद भारत ने सख्त लेकिन संतुलित रुख अपनाते हुए अपनी रणनीतिक स्वतंत्रता बनाए रखी.


