संसद में PM पर हमले की साजिश’ का आरोप! मनोज तिवारी-कंगना ने विपक्ष को घेरा
लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जवाब न हो पाना अब राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है. मनोज तिवारी और कंगना रनौत ने विपक्ष के रवैये को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है.

लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जवाब न हो पाना अब राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं और इसे संसदीय मर्यादाओं के खिलाफ बताया है. बीजेपी सांसद मनोज तिवारी और अभिनेत्री से नेता बनीं कंगना रनौत ने विपक्ष के रवैये को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है.
कंगना रनौत का बड़ा दावा
हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद कंगना रनौत ने दावा किया कि जिस समय प्रधानमंत्री को सदन में चर्चा का उत्तर देना था उससे ठीक पहले कांग्रेस के सांसदों ने हालात को असामान्य बना दिया. कंगना के अनुसार, विपक्षी सांसदों ने प्रधानमंत्री के आसन के आसपास जमा होकर उनका रास्ता रोक लिया, जिससे सुरक्षा और व्यवस्था दोनों को लेकर चिंता पैदा हो गई. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ सांसदों का रुख आक्रामक था और वे लोकसभा अध्यक्ष के प्रति भी अभद्र व्यवहार कर रहे थे.
कंगना रनौत ने कहा कि विपक्ष की महिला सांसद उस स्थान पर एकत्र हो गई थीं जहां प्रधानमंत्री बैठते हैं जिससे सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया. उनके मुताबिक, ऐसे हालात में प्रधानमंत्री का भाषण न होना एक जिम्मेदार और सही निर्णय था क्योंकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचना जरूरी था.
मनोज तिवारी ने विपक्ष पर लगाए आरोप
वहीं, उत्तर-पूर्वी दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी ने भी विपक्ष पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का भाषण न हो पाने की वजह विपक्ष का घेराव था. उन्होंने कहा कि करीब सात से आठ महिला सांसद आगे बढ़कर न केवल प्रधानमंत्री की सीट के पास पहुंच गईं, बल्कि उस मार्ग को भी रोक लिया जहां से प्रधानमंत्री सदन में प्रवेश करते हैं. मनोज तिवारी के अनुसार, ऐसी स्थिति में प्रधानमंत्री को रुकना पड़ा होगा और सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए भाषण संभव नहीं हो सका.
इस बीच सूत्रों के हवाले से यह जानकारी भी सामने आई है कि कांग्रेस सांसद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने का अवसर न मिलने से नाराज थे. इसी नाराजगी के चलते कांग्रेस की कुछ महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री की कुर्सी के आसपास विरोध जताया. हालात बिगड़ते देख लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी.
हालांकि बताया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस समय संसद भवन में मौजूद थे और राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार थे. संसदीय इतिहास में यह एक दुर्लभ घटना मानी जा रही है, जब धन्यवाद प्रस्ताव जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर प्रधानमंत्री का वक्तव्य नहीं हो सका. इस घटना ने संसद में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव को और तेज कर दिया है जिससे आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस और तीखी होने की संभावना है.


