कितना कीमती है संसद का एक-एक मिनट? विपक्ष के हंगामे से अब तक 57 करोड़ का नुकसान
संसद बजट सत्र में विपक्ष के हंगामे से अब तक करीब 57 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. लोकसभा में 20-25 घंटे और राज्यसभा में 12-15 घंटे बर्बाद. राहुल गांधी को रोकने से शुरू विवाद, 8 सांसद निलंबित. करदाताओं का पैसा व्यर्थ जा रहा है.

नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र में लगातार हंगामा और व्यवधानों से अब तक करदाताओं का भारी नुकसान हो चुका है. अनुमान के मुताबिक, प्रति मिनट करीब 2.5 लाख रुपये, प्रति घंटा 1.5 करोड़ रुपये, प्रति दिन 9 करोड़ रुपये और कुल मिलाकर लगभग 57 करोड़ रुपये तक का नुकसान हुआ है. यह आंकड़े संसद के संचालन खर्च पर आधारित हैं, जिसमें नए भवन की मेंटेनेंस, कर्मचारियों का वेतन, सुरक्षा और अन्य सुविधाएं शामिल हैं.
बजट सत्र में भारी नुकसान
28 जनवरी से शुरू हुए बजट सत्र में लोकसभा को कुल 30-35 घंटे का निर्धारित समय मिला था, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण 20-25 घंटे बर्बाद हो गए. इससे लोकसभा में अकेले 30-35 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. राज्यसभा में भी 12-15 घंटे का व्यवधान रहा, जिससे 18-22 करोड़ रुपये का अतिरिक्त नुकसान हुआ. दोनों सदनों को जोड़कर कुल नुकसान करीब 57 करोड़ रुपये पहुंच गया. ये अनुमान पुराने आंकड़ों पर आधारित हैं, क्योंकि नवीनतम आधिकारिक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन वास्तविक लागत इससे ज्यादा भी हो सकती है. सदन स्थगित होने पर भी खर्च जारी रहता है, जैसे बिजली, सुरक्षा और स्टाफ का वेतन.
राहुल गांधी-ओम बिरला विवाद से शुरू हुआ हंगामा
पिछले सप्ताह सत्र शुरू होने से ही विपक्ष हंगामा कर रहा था, लेकिन सोमवार को विवाद चरम पर पहुंच गया. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसदीय नियमों का हवाला देकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरावणे (सेवानिवृत्त) की अप्रकाशित पुस्तक के अंश वाली पत्रिका से उद्धरण पढ़ने से रोक दिया. यह 2020 के भारत-चीन सीमा विवाद से जुड़ा था. राहुल गांधी इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बताते हुए बोलना चाहते थे, लेकिन अध्यक्ष ने इसे नियमों के खिलाफ माना. इससे विपक्ष नाराज हो गया और सदन में नारे, वेल में जमा होना, बैनर और तख्तियां दिखाना शुरू हो गया.
संसद में बढ़ता तनाव
मंगलवार को सदन में अराजकता बढ़ी, जहां सदस्यों ने कागज फेंके और अध्यक्ष के सामने विरोध किया. इस पर लोकसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस के सात और सीपीआई-एम के एक सदस्य सहित आठ विपक्षी सांसदों को बजट सत्र के बाकी समय के लिए निलंबित कर दिया. निलंबित सांसदों में मनिक्कम टैगोर, हिबी ईडन जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं. विपक्ष ने इसे दमनकारी कदम बताया और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का भी विरोध किया. निलंबित सांसदों ने संसद परिसर में 'ट्रैप डील' लिखे पोस्टर दिखाकर विरोध जताया.
लोकतंत्र पर सवाल
यह सत्र लोकतंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है. अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि 19 घंटे से ज्यादा समय बर्बाद हुआ है. विपक्ष का कहना है कि सरकार बहस से बच रही है, जबकि सत्ता पक्ष इसे अराजकता बता रहा है. बजट चर्चा और महत्वपूर्ण मुद्दों पर बहस प्रभावित हो रही है. सत्र 13 फरवरी तक चलना है, लेकिन अगर हंगामा जारी रहा तो और नुकसान होगा. करदाताओं का पैसा बर्बाद होने से राजनीतिक दलों को जिम्मेदारी दिखानी होगी.


