'चाय वाले को चाय', परीक्षा पे चर्चा में पीएम मोदी का मजेदार पल, छात्रों को दिए तनावमुक्त रहने के मंत्र

परीक्षा पे चर्चा के 9वें संस्करण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों से बेझिझक संवाद किया. एग्जाम स्ट्रेस से लेकर AI तक की बात हुई, लेकिन ‘चाय वाले को चाय’ वाला मजेदार पल सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा में है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

परीक्षा पे चर्चा का 9वां संस्करण गुरुवार, 6 फरवरी को सुबह 10 बजे आयोजित किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों से सीधे संवाद किया. इस दौरान उन्होंने न सिर्फ परीक्षा और करियर से जुड़े सवालों के जवाब दिए, बल्कि अपने चिर-परिचित हल्के-फुल्के अंदाज से पूरे माहौल को भी खुशनुमा बना दिया.

कार्यक्रम में पढ़ाई, मार्क्स, एग्जाम स्ट्रेस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और जीवन के लक्ष्य जैसे विषयों पर खुलकर बातचीत हुई. इसी बीच एक ऐसा पल भी आया, जिसे लोग बार-बार देख रहे हैं और जिस पर खूब हंसी छूट रही है.

'चाय वाले को चाय' वाला किस्सा बना चर्चा का केंद्र

कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने-अपने देश और संस्कृति से जुड़ी खास चीजें भेंट कीं. इसी क्रम में एक छात्रा ने पीएम मोदी को चाय की पत्ती गिफ्ट की. यह देखकर प्रधानमंत्री मुस्कुराए और बोले "चाय वाले को चाय". 

उनका यह वाक्य सुनते ही सभागार में ठहाके गूंज उठे और माहौल पूरी तरह हल्का हो गया. इसके बाद छात्रा ने बताया कि यह ऑर्गेनिक चाय है. पीएम मोदी ने उसकी तारीफ करते हुए कहा कि वह अच्छी कविता लिखती है और उसे लिखना जारी रखना चाहिए.

हल्के अंदाज में गहरा संदेश

प्रधानमंत्री का यह अंदाज छात्रों से जुड़ने और कार्यक्रम को बोझिल होने से बचाने का तरीका था. पीएम मोदी कई बार अपने जीवन के शुरुआती दिनों का जिक्र करते रहे हैं, जब उन्होंने रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने का काम किया था. वह इस अनुभव को मेहनत, संघर्ष और साधारण पृष्ठभूमि से आगे बढ़ने के प्रतीक के तौर पर साझा करते हैं.

पढ़ा हुआ क्यों भूल जाता है?

छात्रों ने सवाल किया कि कई बार वे जो पढ़ते हैं, उसे भूल जाते हैं. इस पर पीएम मोदी ने कहा कि जो चीज हमें पूरी तरह से जोड़ लेती है, वह हमेशा याद रहती है. उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि खुद को कम आंकने के बजाय सही तरीके से सीखने और दूसरों से राय लेने की आदत डालें.

मार्क्स बन गई है बीमारी

प्रधानमंत्री ने छात्रों को केवल अंकों के पीछे भागने से बचने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि मार्क्स आज एक तरह की बीमारी बन गई है, जबकि जीवन इससे कहीं बड़ा है. छात्रों को यह सोचना चाहिए कि वे जीवन में क्या बनना चाहते हैं, न कि सिर्फ कितने नंबर लाए.

AI पर भी खुलकर हुई चर्चा

कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का मुद्दा भी उठा. पीएम मोदी ने कहा कि छात्रों को AI का उपयोग जरूर करना चाहिए, लेकिन यह भी समझना जरूरी है कि AI हर लक्ष्य को हासिल करने का एकमात्र रास्ता नहीं है. सही दिशा, मेहनत और सोच के बिना तकनीक भी अधूरी है.
 

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