दिल्ली में फिर सड़क बनी मौत का कारण... खुले गड्ढे में गिरकर युवक की मौत, परिवार ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
दिल्ली में ऑफिस से घर लौट रहे कमल की खुले गड्ढे में गिरने से मौत हो गई. परिवार ने लापरवाही और पुलिस की धीमी कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है.

नई दिल्ली: दिल्ली में एक दर्दनाक हादसे ने लोगों को झकझोर दिया. कमल नाम का युवक सोमवार देर रात रोहिणी स्थित अपने दफ्तर से घर लौट रहा था, लेकिन वह घर नहीं पहुंच सका. बाद में पता चला कि वह रास्ते में एक खुले गड्ढे में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई. नोएडा में भी हाल ही में युवराज नाम के एक युवक की मौत हुई थी, जिसके बाद इस घटना ने प्रशासन की कार्रवाई पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
इतना ही नहीं परिवार का आरोप है कि जब कमल तय समय तक घर नहीं पहुंचा तो वो लोग उसकी तलाश में निकल गए. परिवार के लोग रातभर अलग-अलग थानों के चक्कर लगाते रहे. परिवार का कहना है कि वो जनकपुरी, सागरपुर, विकासपुरी और रोहिणी सहित आधा दर्जन से अधिक थानों में गए, लेकिन किसी ने भी उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया.
तय रास्ता, तय समय… फिर भी नहीं पहुंचा घर
कमल बैंक के कॉल सेंटर में काम करता था और पिछले तीन साल से रोज एक ही रास्ते से ऑफिस आता-जाता था. सोमवार रात करीब 11:53 बजे उसकी आखिरी बार घरवालों से बात हुई. उसने बताया था कि वह डिस्ट्रिक्ट सेंटर पहुंच चुका है और 15 मिनट में घर आ जाएगा. जब तय समय बीत गया और वह घर नहीं पहुंचा तो परिवार को चिंता हुई. कई बार फोन किया गया, लेकिन कॉल नहीं उठी. इसके बाद परिवार और दोस्त खुद उसकी तलाश में निकल पड़े.
परिजनों का आरोप है कि वे पूरी रात अलग-अलग थानों के चक्कर लगाते रहे. जनकपुरी, विकासपुरी, रोहिणी, डाबड़ी और सागरपुर सहित कई थानों में गुमशुदगी की सूचना देने की कोशिश की गई, लेकिन कहीं भी औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई. परिवार का कहना है कि पुलिस ने 24 घंटे पूरे होने की बात कहकर मामला दर्ज करने से मना कर दिया. मोबाइल लोकेशन की जानकारी भी स्पष्ट रूप से साझा नहीं की गई. बताया गया कि फोन की आखिरी लोकेशन एक पार्क के पास 200 मीटर के दायरे में थी, लेकिन परिवार का आरोप है कि उस इलाके में गंभीरता से खोजबीन नहीं की गई.
परिवार को सुबह मिली जानकारी
पूरी रात तलाश के बाद सुबह करीब 7:30 बजे परिवार को फोन आया कि कमल का एक्सीडेंट हो गया है. जब वे मौके पर पहुंचे तो देखा कि सड़क पर एक बड़ा और खुला गड्ढा था, जिसमें कमल अपनी बाइक समेत गिरा पड़ा था. स्थानीय लोगों का कहना है कि वहां न तो कोई बैरिकेडिंग थी, न चेतावनी बोर्ड और न ही पर्याप्त रोशनी. गड्ढा काफी समय से खुला था.
हादसा नहीं लापरवाही!
परिवार जल बोर्ड या संबंधित विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार मान रहा है. उनका कहना है कि अगर सड़क पर काम चल रहा था तो सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए. साथ ही उन्होंने यह भी आशंका जताई है कि मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए, ताकि यह साफ हो सके कि यह सिर्फ हादसा था या कुछ और.
पुलिस ने आरोपों से किया इंकार
दिल्ली पुलिस ने आरोपों से इनकार किया है. पुलिस का कहना है कि जैसे ही परिवार ने संपर्क किया, उन्होंने तुरंत कार्रवाई शुरू की. फोटो लेकर व्हाट्सएप ग्रुप्स में साझा की गई और मोबाइल टावर लोकेशन निकाली गई. पुलिस के अनुसार, रात में आसपास के इलाके में खोज अभियान भी चलाया गया. सुबह 8:03 बजे एक स्थानीय व्यक्ति ने PCR कॉल कर गड्ढे में बाइक और व्यक्ति होने की सूचना दी. पुलिस तीन मिनट में मौके पर पहुंची और फायर विभाग की मदद से शव बाहर निकाला गया.


