ट्रेड डील पर विपक्ष के आरोपों पर शिवराज सिंह का करारा जवाब, कहा- ‘किसान हित नॉन-नेगोशिएबल’
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के बीच केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि इस करार में किसानों और दुग्ध क्षेत्र के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है.

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के बीच केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह समझौता भारत के कृषि हितों की पूरी तरह रक्षा करता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि इस करार में किसानों और दुग्ध क्षेत्र के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है.
मीडिया से बातचीत में बोले शिवराज सिंह चौहान
दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह समझौता कूटनीति, विकास और सम्मान का नया उदाहरण है, जहां शुरुआत से ही यह साफ कर दिया गया था कि किसानों के हित किसी भी सूरत में समझौते के दायरे से बाहर हैं.
शिवराज सिंह चौहान ने भरोसा दिलाया कि देश के मुख्य खाद्यान्न, फल, प्रमुख फसलें, मोटे अनाज और दुग्ध उत्पाद पूरी तरह सुरक्षित हैं और इन पर किसी तरह का खतरा नहीं है. उन्होंने कहा कि इस समझौते में छोटे और बड़े, दोनों तरह के किसानों के हितों का समान रूप से ध्यान रखा गया है. यह करार भारतीय कृषि के लिए जोखिम नहीं, बल्कि नए अवसर लेकर आया है.
छोटे किसानों और अमेरिकी कृषि उत्पादों को लेकर जताई जा रही आशंकाओं पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारतीय बाजार में विदेशी उत्पादों की अचानक या बेतरतीब एंट्री नहीं होगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी ऐसे सेक्टर को नहीं खोला गया है, जिससे घरेलू किसानों को नुकसान पहुंचे. सभी प्रमुख फसलें, अनाज, फल और डेयरी उत्पाद पूरी तरह संरक्षित हैं. अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी के एक ट्वीट के बाद पैदा हुई गलतफहमी पर उन्होंने बताया कि वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल पहले ही संसद में स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं. भारत ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है, जिससे घरेलू किसानों पर दबाव पड़े.
भारत के निर्यात को मिलेगा प्रोत्साहन
शिवराज सिंह चौहान ने यह भी बताया कि इस समझौते से भारत के निर्यात को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा. भारत पहले से ही अमेरिका समेत कई देशों को चावल का निर्यात करता है, जिसकी हालिया कीमत करीब 63 हजार करोड़ रुपये रही है. शुल्क में कटौती से चावल, मसाले और वस्त्र निर्यात को सीधा फायदा होगा. वस्त्र निर्यात में बढ़ोतरी से कपास उगाने वाले लाखों किसानों की आमदनी में भी सुधार आएगा.
विपक्ष की ओर से संसद में समझौते का पूरा विवरण रखने की मांग पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार समय आने पर सभी जानकारियां साझा करेगी. उन्होंने दोहराया कि इस समझौते का मूल सिद्धांत बिल्कुल साफ है- भारतीय किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं.
अंत में उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि किसान हमारे अन्नदाता हैं. उनकी सेवा करना पूजा के समान है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि मोदी सरकार हर कदम पर किसानों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी और किसी भी तरह की अफवाह या भ्रम से किसानों को डरने की जरूरत नहीं है.


