ज़िम्बाब्वे में वैभव सूर्यवंशी ने की अंग्रेजों की कुटाई, 55 गेदों में जड़ा शतक

अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैण्ड के खिलाफ शानदार शतक जमाया. अपनी शतकीय पारी के दौरान वैभव सूर्यवंशी ने 8 गगनचुंबी छक्के और 8 शानदार चौके लगाए.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसने भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया. महज 14 साल की उम्र में इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने फाइनल जैसे बड़े मंच पर तूफानी बल्लेबाजी करते हुए केवल 55 गेंदों में शतक जड़ दिया. उनकी इस विस्फोटक पारी ने न सिर्फ दर्शकों को रोमांचित किया, बल्कि कई पुराने रिकॉर्ड भी धराशायी कर दिए.

शतक में 8 छक्के और 8 चौके शामिल 

अपनी शतकीय पारी के दौरान वैभव सूर्यवंशी ने 8 गगनचुंबी छक्के और 8 शानदार चौके लगाए. वह अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में शतक लगाने वाले तीसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं. उनसे पहले यह उपलब्धि उनमुक्त चंद और मनजोत कालरा के नाम थी, लेकिन फाइनल में सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड अब वैभव सूर्यवंशी के नाम दर्ज हो गया है. इतनी कम उम्र में इस स्तर की परिपक्व और आक्रामक बल्लेबाजी ने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया.

वैभव सूर्यवंशी ने दर्ज किए कई रिकॉर्ड 

वैभव सूर्यवंशी ने इस मैच में कई ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम किए. वह अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए हैं. इसके अलावा, फाइनल में सबसे तेज शतक, सबसे ज्यादा छक्के लगाने और एक ही सीजन में सर्वाधिक छक्के जड़ने का रिकॉर्ड भी उन्होंने कायम किया. खास बात यह है कि अंडर-19 वनडे क्रिकेट में 100 छक्के पूरे करने वाले वैभव पहले बल्लेबाज बन गए हैं, जो उनकी आक्रामक शैली का बड़ा प्रमाण है.

फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम की शुरुआत कुछ खास नहीं रही. सलामी बल्लेबाज एरॉन जॉर्ज महज 9 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. इसके बाद क्रीज पर उतरे वैभव सूर्यवंशी ने आयुष म्हात्रे के साथ मिलकर पारी को संभालते हुए इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू किया. दोनों के बीच हुई साझेदारी ने मैच की दिशा ही बदल दी.

वैभव ने 71 गेंदों में 150 रन किए पूरे 

वैभव ने सिर्फ 32 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और इसके बाद रफ्तार और तेज कर दी. 55 गेंदों में शतक पूरा करने के बाद भी वह नहीं रुके. उन्होंने छक्कों और चौकों के दम पर 80 से ज्यादा रन बटोरे. हैरानी की बात यह रही कि उन्होंने महज 71 गेंदों में अपने 150 रन भी पूरे कर लिए. यह पारी न केवल आंकड़ों के लिहाज से खास रही, बल्कि भारतीय अंडर-19 क्रिकेट के भविष्य की झलक भी दिखा गई.

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