युवक की मौत के बाद दिल्ली सरकार का एक्शन, जल बोर्ड के तीन कर्मचारी निलंबित, गड्ढे में गिरकर हुई थी कमल ध्यानी की मौत
दिल्ली में 25 साल के एक युवक की गड्ढे में गिरकर मौत हो गई. इसके बाद लगातार सिस्टम पर सवाल उठा जा रहे हैं. हालांकि, दिल्ली सरकार ने जल बोर्ड के तीन कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है.

दिल्लीः दिल्ली के जनकपुरी इलाके में एक साधारण घर लौटने की यात्रा अचानक त्रासदी में बदल गई. 25 साल के कमल ध्यानी ऑफिस से निकलकर बाइक पर घर जा रहे थे. रात करीब 11:53 बजे उन्होंने भाई से बात की और कहा कि मिडनाइट तक पहुंच जाएंगे. लेकिन घर नहीं पहुंचे. फोन रिंग करने के बाद भी नहीं उठा तो परिवार में घबराहट फैल गई.
परिवार के सदस्य आधी रात को सड़कों पर निकल पड़े. वे जनकपुरी, सागरपुर, विकासपुरी और रोहिणी जैसे कई पुलिस थानों के चक्कर काटते रहे. परिजनों का दावा है कि उन्होंने छह से ज्यादा थानों में मदद मांगी, लेकिन कहीं से ठोस सहायता नहीं मिली. कुछ जगहों पर उन्हें सुबह आने को कहा गया. कमल के भाई ने जनकपुरी थाने में रात 2:45 बजे लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने मोबाइल की टावर लोकेशन चेक की, जो जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट पार्क के पास दिख रही थी. हेड कांस्टेबल रामकेश परिवार के साथ ढाई घंटे से ज्यादा समय तक इलाके में तलाश करते रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला.
सुबह की भयानक खोज
शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे एक स्थानीय महिला ने पुलिस को सूचना दी कि जोगिंदर सिंह मार्ग पर एक गहरे गड्ढे में शव पड़ा है. पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा कि 15-20 फुट गहरा गड्ढा, जो दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के पाइपलाइन मरम्मत कार्य के लिए खोदा गया था, उसमें कमल की लाल बाइक और उनका शव मिला. डॉक्टरों ने अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया. प्रारंभिक जांच में मौत का कारण गड्ढे में गिरना और चोटें बताई गई हैं.
परिवार और दोस्तों ने गड्ढे को बिना बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड या रोशनी के छोड़ देने पर सवाल उठाए. इलाका अंधेरा था और काम कई महीनों से चल रहा है. कुछ रिश्तेदारों ने दुर्घटना के साथ-साथ साजिश की आशंका भी जताई, हालांकि पुलिस इसे हादसा मान रही है.
सोशल मीडिया पर गुस्सा
घटना ने सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश फैलाया. आम आदमी पार्टी ने इसे सरकार की नाकामी बताया और ट्वीट किया कि एक मां का बेटा सिस्टम की वजह से खो गया. आप पार्षद रमिंदर कौर ने कहा कि पीडब्ल्यूडी और डीजेबी के काम में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे, जिससे ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं.
दिल्ली सरकार का आदेश
आधिकारिक कार्रवाई शुरूदिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने घटना की जांच के आदेश दिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया. वे 7 फरवरी को मौके का दौरा करेंगे. दिल्ली जल बोर्ड ने तीन अधिकारियों को निलंबित किया और जांच समिति गठित की. बोर्ड ने दुख जताया और कहा कि सभी साइट्स पर सुरक्षा जांच बढ़ाई जाएगी. नागरिकों से असुरक्षित जगहों की रिपोर्ट 1916 पर करने की अपील की गई.
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के तहत केस दर्ज किया है. सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों की जांच जारी है. बाइक को गड्ढे से निकाला जा चुका है. यह घटना नोएडा के युवराज मेहता हादसे के बाद दिल्ली में सुरक्षा मानकों पर फिर सवाल खड़े कर रही है. परिवार अब न्याय की उम्मीद में है, जबकि शहर ऐसे 'मौत के गड्ढों' से सावधान रहने को मजबूर है.


