नरवणे की किताब लेकर संसद पहुंचे राहुल गांधी, मोदी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

लोकसभा में राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख की अप्रकाशित किताब का हवाला देते हुए चीन सीमा विवाद पर प्रधानमंत्री की भूमिका पर सवाल उठाए. किताब को लेकर संसद में हंगामा हुआ और सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: लोकसभा में पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम. एम. नरवणे की एक अप्रकाशित किताब को लेकर सियासी घमासान जारी है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को इस मुद्दे को फिर से उठाया और दावा किया कि संबंधित पुस्तक विदेश में प्रकाशित हो चुकी है, लेकिन भारत में इसे छापने की अनुमति नहीं दी जा रही है. वे संसद परिसर में किताब की एक प्रति भी लेकर पहुंचे और पत्रकारों को दिखाते हुए कहा कि यह किताब वास्तव में मौजूद है.

राहुल गांधी का कहना है कि कुछ लोग यह कह रहे थे कि ऐसी कोई किताब है ही नहीं, जबकि उनके पास उसकी प्रति मौजूद है. उन्होंने यह भी कहा कि देश के युवाओं को सच्चाई जाननी चाहिए और इस किताब को पढ़ना चाहिए. हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि उन्हें इस पर विस्तार से बोलने से रोका गया है.

राहुल गांधी ने इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा किया. उन्होंने अपने पोस्ट में भी यही दोहराया कि किताब को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है और सच्चाई सामने आनी चाहिए.

चीन सीमा विवाद पर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने पुस्तक के एक हिस्से का हवाला देते हुए दावा किया कि जब चीन के टैंक भारतीय सीमा की ओर बढ़ रहे थे, तब शीर्ष स्तर पर स्पष्ट निर्देश नहीं मिले. उनके अनुसार, उस समय सेना ने स्थिति की जानकारी रक्षा मंत्री को दी थी और आगे की कार्रवाई के बारे में पूछा था. उन्होंने आरोप लगाया कि निर्णय लेने में देरी हुई और अंत में सेना को खुद स्थिति के अनुसार कदम उठाने को कहा गया.

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि किताब में लिखा गया है कि उस समय सेना प्रमुख ने खुद को अकेला महसूस किया. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि कठिन समय में नेतृत्व की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से निभाई जानी चाहिए थी. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि प्रधानमंत्री सदन में आएंगे तो वह खुद उन्हें यह किताब सौंपेंगे.

संसद में बढ़ता टकराव

यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब राहुल गांधी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान इस किताब के अंश पढ़ना चाहते थे, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिली. इसके बाद से लोकसभा में लगातार हंगामा हो रहा है. बुधवार को भी विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके चलते सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी.

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