हवाई जहाज़ में भरोसे की नींद टूटी, अमेरिकी अदालत में साबित हुआ ‘सोने का नाटक’ और यौन अपराध का सच
अमेरिका की घरेलू उड़ान में एक महिला के साथ हुए यौन उत्पीड़न ने हवाई सुरक्षा और भरोसे पर सवाल खड़े किए। अदालत ने सबूतों के आधार पर भारतीय नागरिक को दोषी माना।

अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय के अनुसार संघीय जूरी ने घरेलू उड़ान के दौरान एक आरोपी को यौन उत्पीड़न का दोष सिद्ध माना। घटना 29 अगस्त 2024 की है। उड़ान रोड आइलैंड के टीएफ ग्रीन एयरपोर्ट से वाशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट जा रही थी। अदालत में बताया गया कि पीड़िता यात्रा के दौरान सो रही थी। जागने पर उसने आरोपी को अपराध करते पाया। यह सुनवाई में पेश सबूतों से साबित हुआ। मामला हवाई यात्रा की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाता है।
आरोपी ने क्या तरीका अपनाया?
अदालती रिकॉर्ड बताते हैं कि महिला ने विरोध किया। उसने आरोपी को धक्का देकर हटाने की कोशिश की। इसके बाद आरोपी ने सोने का नाटक किया। उसने स्लीप मास्क लगाकर खुद को सोया दिखाया। बावजूद इसके उसने हरकत जारी रखी। यह चाल अदालत के सामने उजागर हुई। जूरी ने इसे जानबूझकर किया गया अपराध माना।
कौन है दोषी ठहराया गया?
अदालत ने भारतीय नागरिक वरुण अरोरा को दोषी ठहराया। उसकी उम्र 38 वर्ष बताई गई। अभियोजन के अनुसार वह वैध आव्रजन स्थिति के बिना अमेरिका में रह रहा था। यह तथ्य भी सुनवाई के दौरान सामने आया। जूरी के फैसले के बाद सजा की प्रक्रिया शुरू हुई। कानून के तहत उसे अधिकतम दो साल की जेल हो सकती है।
जांच किसने की कैसे?
मामले की जांच एफबीआई के वाशिंगटन फील्ड ऑफिस ने की। जांचकर्ताओं ने उड़ान से जुड़े साक्ष्य जुटाए। पीड़िता के बयान को प्रमुख आधार बनाया गया। विमान में मौजूद परिस्थितियों का विश्लेषण किया गया। अभियोजन ने रिकॉर्ड और गवाह पेश किए। इन्हीं आधारों पर जूरी ने फैसला सुनाया।
अदालत ने क्या कहा?
अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय ने प्रेस विज्ञप्ति में फैसले की पुष्टि की। अदालत ने माना कि आरोपी की हरकतें इरादतन थीं। स्लीप मास्क का इस्तेमाल धोखे के लिए किया गया। पीड़िता की नींद और भरोसे का फायदा उठाया गया। यह यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आता है। जूरी ने सर्वसम्मति से दोष तय किया।
अब सजा कब तय होगी?
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार सजा 7 मई को सुनाई जाएगी। संघीय जिला अदालत का न्यायाधीश दिशानिर्देशों की समीक्षा करेगा। अन्य कानूनी पहलुओं पर भी विचार होगा। सजा की अवधि तय की जाएगी। अभियोजन पक्ष ने अधिकतम सजा की मांग रखी है। अंतिम फैसला अदालत के विवेक पर निर्भर करेगा।
इस फैसले का क्या संदेश है?
यह मामला हवाई यात्राओं में महिलाओं की सुरक्षा पर चेतावनी देता है। सोने का नाटक जैसे तरीके अब बचाव नहीं बनेंगे। अदालतें ऐसे अपराधों पर सख्त हैं। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए नियम स्पष्ट हैं। अपराध सीमा नहीं देखता। कानून भी किसी पहचान से प्रभावित नहीं होता। यह फैसला भरोसे की सुरक्षा का संदेश देता है।


