बांग्लादेश में हिंसा की एक और घटना: भीड़ से बचने के दौरान पानी में कूदा हिंदू व्यक्ति, हो गई मौत
बांग्लादेश के नौगांव जिले में चोरी के आरोप में भीड़ द्वारा पीछा किए जाने पर घबराकर एक हिंदू युवक पानी में कूद गया, जिससे उसकी मौत हो गई. पुलिस ने शव बरामद कर जांच शुरू कर दी है.

बांग्लादेश में एक बार फिर हिंसा की घटना सामने आई है, जहां चोरी के आरोप में पीछा कर रही भीड़ से बचने की कोशिश में एक हिंदू युवक की जान चली गई. पुलिस के अनुसार, यह घटना नौगांव जिले में हुई, जहां भीड़ से घबराकर युवक पानी में कूद गया और उसकी मौत हो गई. इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस मामले की जांच कर रही है.
नौगांव के पुलिस अधीक्षक मोहम्मद तारिकुल इस्लाम ने बताया कि मृतक की पहचान मिथुन सरकार के रूप में हुई है. प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मिथुन पर चोरी का आरोप लगाया गया था, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया. जान बचाने के लिए वह पास के पानी में कूद गया, लेकिन बाहर नहीं निकल सका.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और अग्निशमन विभाग की मदद से शव को बाहर निकाला गया. फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मौत किन परिस्थितियों में हुई. पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है.
लगातार सामने आ रहे हैं हिंसा के मामले
बांग्लादेश में अलग-अलग जगहों पर हिंदू समुदाय से जुड़े लोगों पर हमले की खबरें सामने आई हैं. 18 दिसंबर को एक मामले में दीपू चंद्र दास नाम के व्यक्ति को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था. आरोप था कि उसने ईशनिंदा की है, लेकिन बाद में यह आरोप पूरी तरह झूठा साबित हुआ. इतना ही नहीं, उसके शव को पेड़ से बांधकर आग लगाने जैसी क्रूर घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था.
हाल ही में नरसिंगदी शहर में भी एक हिंदू किराना दुकानदार की हत्या कर दी गई थी. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 40 वर्षीय मोनी चक्रवर्ती पर अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार से हमला किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. यह हमला उस समय हुआ, जब वह रात में अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे.
एक के बाद एक हत्याओं से दहशत
बताया जा रहा है कि मोनी चक्रवर्ती हाल के हफ्तों में मारे गए तीसरे हिंदू व्यापारी थे. इससे पहले जेस्सोर जिले में एक हिंदू व्यवसायी और समाचार पत्र के कार्यवाहक संपादक राणा प्रताप बैरागी की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. यह घटना शाम के समय बाजार इलाके में हुई थी.
इसके अलावा 3 जनवरी को खोकोन चंद्र दास पर बेरहमी से हमला किया गया, उन्हें चाकू मारा गया और फिर आग लगा दी गई, जिससे उनकी मौत हो गई. वहीं 24 दिसंबर को राजबारी जिले में अमृत मंडल नाम के व्यक्ति की भी पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी.


