2027 में लगेगा सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण, 6 मिनट 22 सेकंड के लिए छा जायेगा चारों ओर घना अंधेरा

साल 2026 और 2027 खगोलीय घटनाओं के लिहाज से बेहद खास रहने वाले हैं. जहां 2026 में ग्रहण के कारण होली की तारीख प्रभावित हो रही है, वहीं 2 अगस्त 2027 को 6 मिनट 22 सेकंड तक चलने वाला 21वीं सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण दिन में घना अंधेरा छा देगा.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

सूर्य ग्रहण 2026: साल 2026 खगोलीय घटनाओं के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है. एक ओर होली के त्योहार की तारीख को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है, तो दूसरी ओर सूर्य और चंद्र ग्रहण को लेकर लोगों में जिज्ञासा बढ़ गई है. पंचांग और ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस बार ग्रहण के कारण पारंपरिक तिथियों में बदलाव देखने को मिलेगा.

जहां 2026 में चंद्र ग्रहण होली के ठीक अगले दिन पड़ रहा है, वहीं सूर्य ग्रहण को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं. साथ ही विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि 'सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण' 2027 में लगेगा, जो 6 मिनट 22 सेकंड तक चलेगा.

2026 में होली की तारीख पर क्यों बना असमंजस?

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 2 मार्च 2026 को होलिका दहन किया जाएगा. आमतौर पर इसके अगले दिन रंगों की होली खेली जाती है, लेकिन इस बार 3 मार्च को चंद्र ग्रहण लग रहा है.

ग्रहण के दौरान लगने वाले सूतक काल में पूजा-पाठ और शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं. ऐसे में ज्योतिषियों की सलाह है कि 3 मार्च को रंग खेलने से बचा जाए. इसलिए रंगों की होली 4 मार्च 2026 को मनाई जाएगी.

सूर्य ग्रहण 2026: कब और कहां दिखेगा?

जानकारों के मुताबिक, वर्ष 2026 में दो सूर्य ग्रहण होंगे. पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लग चुका है. साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगेगा.

हालांकि, 12 अगस्त का यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. यह मुख्य रूप से यूरोप, कनाडा और ग्रीनलैंड में देखा जा सकेगा. चूंकि यह भारत में दृश्य नहीं होगा, इसलिए इसका सूतक काल भी देश में मान्य नहीं होगा और धार्मिक गतिविधियों पर कोई रोक नहीं रहेगी.

2027 में लगेगा 21वीं सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण

सोशल मीडिया पर 2026 के सूर्य ग्रहण को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच विशेषज्ञों ने साफ किया है कि ‘सदी का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण’ 2 अगस्त 2027 को लगेगा. यह 21वीं सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण होगा, जिसकी अवधि लगभग 6 मिनट 22 सेकंड रहेगी.

इतनी लंबी अवधि का सूर्य ग्रहण इसके बाद वर्ष 2114 तक देखने को नहीं मिलेगा. इस दौरान कुछ समय के लिए दिन में घना अंधेरा छा जाएगा और दिन में रात जैसा दृश्य नजर आ सकता है.

भारत में कहां दिखेगा 2027 का सूर्य ग्रहण?

2 अगस्त 2027 को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत के कई राज्यों में आंशिक रूप से दिखाई देगा. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में इसे देखा जा सकेगा.

चूंकि यह ग्रहण भारत में दृश्य होगा, इसलिए इसका सूतक काल मान्य रहेगा.

ग्रहण क्या होता है?

खगोल विज्ञान के अनुसार, जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है और सूर्य के प्रकाश को आंशिक या पूर्ण रूप से ढक लेता है, तब सूर्य ग्रहण होता है. यह प्रक्रिया अमावस्या के दिन संभव होती है.

वहीं, हिंदू मान्यताओं में ग्रहण को राहु और केतु से जोड़ा जाता है, जिन्हें पौराणिक कथाओं में सूर्य और चंद्रमा को ग्रसित करने वाला बताया गया है.

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