बांग्लादेशी पत्रकारों को भारत आने पर लगी रोक! ICC ने जारी किया स्पष्टीकरण

बांग्लादेशी पत्रकारों की ओर से उठाए गए दावों पर आज ICC ने स्पष्टीकरण दी है. सूत्रों के मुताबिक, पत्रकारों की उनकी याचिकाओं को आईसीसी ने अस्वीकार कर दिया है.

Sonee Srivastav

T20 World Cup 2026: अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने हाल ही में बांग्लादेशी पत्रकारों की ओर से उठाए गए दावों पर स्पष्टीकरण दिया है. कई बांग्लादेशी मीडिया कर्मियों ने कहा था कि आगामी टी20 विश्व कप के लिए उनकी मान्यता (एक्रेडिटेशन) याचिकाओं को आईसीसी ने अस्वीकार कर दिया है. आईसीसी ने मंगलवार को इस मामले में अपनी स्थिति साफ की और बताया कि प्रक्रिया में बदलाव किया जा रहा है.

बांग्लादेश की टीम के बाहर होने का विवाद

पिछले सप्ताह बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देकर भारत में मैच खेलने से इनकार कर दिया था. आईसीसी ने बीसीबी की मांग को ठुकरा दिया, जिसमें उन्होंने अपने मैचों को श्रीलंका में शिफ्ट करने की अपील की थी.

नतीजतन, बांग्लादेश को इस 20 टीमों वाले टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया. उनकी जगह स्कॉटलैंड को ग्रुप सी में शामिल किया गया. यह क्रिकेट इतिहास में पहली बार हुआ जब किसी टीम को टूर्नामेंट शुरू होने से ठीक पहले बाहर किया गया.

पत्रकारों की मान्यता पर उठे सवाल

बांग्लादेश के बाहर होने के बाद विवाद थमा नहीं. कुछ दिनों बाद बांग्लादेशी पत्रकारों ने दावा किया कि उनकी मान्यता याचिकाएं खारिज हो गई हैं. रिपोर्टों के मुताबिक, 80 से 90 या इससे अधिक बांग्लादेशी पत्रकारों को आईसीसी इवेंट कवर करने के लिए भारत आने की अनुमति नहीं मिली. 

बर्ता24 डॉट कॉम के खेल संपादक आपोन तारिक ने बताया कि उनकी याचिका अस्वीकार हो गई है.कई पत्रकारों ने इसे अनुचित बताया और कहा कि इससे पहले भी बांग्लादेशी मीडिया आईसीसी इवेंट्स कवर करता रहा है, भले टीम हिस्सा न ले रही हो. 

आईसीसी का स्पष्टीकरण

आईसीसी ने इन दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बांग्लादेश की टीम के बाहर होने के बाद मान्यता प्रक्रिया पर दोबारा विचार किया जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, आवेदनों की संख्या बहुत अधिक है और समय-सारणी में बदलाव आया है. इसलिए मान्यता सूचियों को नए सिरे से तैयार किया जा रहा है.

आईसीसी के सूत्रों ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, "अनुरोधों की संख्या और शेड्यूल में बदलाव के कारण प्रक्रिया में संशोधन हो रहा है. मान्यता सूचियां उसी के अनुसार बनाई जा रही हैं." उन्होंने आगे कहा कि अगर देश के कोटे के हिसाब से देखें तो संख्या 40 से ज्यादा नहीं हो सकती. 

आईसीसी मेजबान बोर्ड (बीसीसीआई या श्रीलंका क्रिकेट) की सिफारिशों के आधार पर फैसला लेता है.सूत्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर बांग्लादेश टीम हिस्सा ले रही होती तब भी इतनी बड़ी संख्या में पत्रकारों को मान्यता देना मुश्किल होता.

मामले में बीसीबी की प्रतिक्रिया

बीसीबी की मीडिया समिति ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है. मीडिया समिति के अध्यक्ष अमजद हुसैन ने ढाका में पत्रकारों से कहा कि उन्होंने आईसीसी से स्पष्टीकरण मांगा है. उन्होंने बताया, "यह फैसला हाल ही में आया है. हमने जानकारी मांगी है और इसे आईसीसी के सामने उठाया है." बीसीबी इस मामले को और मजबूती से आईसीसी के समक्ष रखेगी ताकि बांग्लादेशी पत्रकारों को उचित अवसर मिल सके.

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