हम पीछे मुड़कर अतीत में नहीं जा सकते...जब सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने वीबी-जी राम जी कानून पर की चर्चा की मांग, मिला ये जवाब

केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि वीबी-जी आरएएम जी कानून संसद से पारित होकर लागू हो गया है, जो एमजीएनआरईजीए की जगह लेता है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आय सुरक्षा और आजीविका सुनिश्चित करेगा.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्ली: केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को स्पष्ट किया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एमजीएनआरईजीए) का स्थान लेने वाला वीबी-जी आरएएम जी कानून संसद द्वारा विधिवत पारित किया जा चुका है और इसे लागू किया जाना चाहिए. बजट सत्र से पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि विपक्ष की इस मांग को कि आगामी सत्र में इस कानून पर चर्चा की जाए, पूरा नहीं किया जा सकता.

रिजिजू ने कहा कि हम पीछे मुड़कर अतीत में नहीं जा सकते. ऐसा नहीं हो सकता. उनके अनुसार, सरकार ने संसदीय प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन किया है और वर्ष के पहले सत्र के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद ही सरकार का कार्यसूची साझा की जाती है.

केंद्रीय मंत्री की यह टिप्पणी विपक्ष द्वारा एमजीएनआरईजीए को बदलने वाले नए कानून पर उठाए जा रहे लगातार सवालों और आलोचना के बीच आई है.

वीबी-जी आरएएम जी कानून क्या है?

विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 ग्रामीण रोजगार और आजीविका के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाता है. यह कानून औपचारिक रूप से 2005 के महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम का स्थान लेता है.

इस नए अधिनियम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय सुरक्षा के लिए एक व्यापक और आधुनिक ढांचा तैयार करना है. यह ग्रामीण आबादी को न केवल रोज़गार के अवसर प्रदान करेगा, बल्कि उनकी आजीविका सुनिश्चित करने में भी मदद करेगा.

कानून पारित होने की प्रक्रिया

वीबी-जी आरएएम जी विधेयक दिसंबर 2025 में संसद में पेश किया गया और शीतकालीन सत्र के दौरान इस पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया. लोकसभा ने 18 दिसंबर को इस विधेयक को मंजूरी दी, जबकि राज्यसभा ने 19 दिसंबर की सुबह इसे पारित किया. इसके बाद राष्ट्रपति ने 21 दिसंबर को इसे औपचारिक रूप से मंजूरी दी. इस प्रकार विधायी प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही यह अधिनियम लागू हो गया और आधिकारिक रूप से एमजीएनआरईजीए को प्रतिस्थापित किया.

विपक्ष का रुख और सरकार की प्रतिक्रिया

विपक्ष ने नए कानून को लेकर सवाल उठाए हैं और दावा किया है कि सरकार ने इसका व्यापक परिचय और प्रभाव जनता और सांसदों के सामने स्पष्ट रूप से नहीं रखा. उन्होंने विशेष रूप से यह भी कहा कि सरकार का विधायी एजेंडा पारदर्शी नहीं है.

केंद्रीय कानून मंत्री रिजिजू ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि सभी संसदीय प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है और सरकार द्वारा आगामी कार्यसूची और विधायी योजना राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद ही साझा की जाती है. उन्होंने स्पष्ट किया कि नया कानून ग्रामीण रोजगार को आधुनिक रूप में सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है और इसके प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए नए अवसर

वीबी-जी आरएएम जी अधिनियम के लागू होने से देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और कामगारों को आय सुरक्षा मिलेगी. यह अधिनियम पारंपरिक एमजीएनआरईजीए ढांचे को एक नई दिशा देता है और ग्रामीण आबादी की जीवनशैली में सुधार की उम्मीद जगाता है.

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