होर्मुज संकट से बढ़ा वैश्विक तेल संकट, ट्रंप की रणनीतिक चूक पर उठे सवाल
अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है, जिसका असर अब पूरी दुनिया पर दिखाई दे रहा है. ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को ब्लॉक करने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा है और कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं. इस घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रणनीति और उनके फैसलों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
नई दिल्ली: अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य अभियान के बाद मिडिल ईस्ट में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. ईरान ने जवाबी कदम उठाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को ब्लॉक कर दिया, जहां से दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस आपूर्ति गुजरती है. इसके चलते वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 125 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं और अभी भी 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान पर हमले की योजना बनाते समय अमेरिकी प्रशासन ने इस संभावना को कम आंका कि ईरान होर्मुज को बंद कर सकता है. बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े फैसलों में राष्ट्रपति ट्रंप ने सीमित सलाहकारों पर भरोसा किया, जिसके कारण विभिन्न एजेंसियों के बीच संभावित आर्थिक परिणामों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो सकी. अब इस स्थिति को कुछ अधिकारी सरकार के सामने उभरे "worst-case scenario" के रूप में देख रहे हैं.


