क्या युद्ध रहेगा जारी? ईरान ने दिए स्पष्ट संकेत, कहा ‘ट्रंप पर भरोसा नहीं...’
ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईरान की सैन्य कमान से जुड़े अधिकारी मोहम्मद जाफर असदी ने कहा कि अमेरिका के संकेत बता रहे हैं कि वह किसी समझौते पर टिकने को तैयार नहीं है।

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान की सेना ने साफ संकेत दिए हैं कि अमेरिका के साथ टकराव दोबारा शुरू हो सकता है। उनका आरोप है कि अमेरिका समझौतों से मुकर रहा है और भरोसा तोड़ रहा है। उधर डोनाल्ड ट्रंप ने भी सख्त रुख दिखाते हुए कहा है कि वे 'पागलों के हाथ में परमाणु हथियार नहीं दे सकते'।
अमेरिका की नीयत पर सवाल- ईरानी सेना
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईरान की सैन्य कमान से जुड़े अधिकारी मोहम्मद जाफर असदी ने कहा कि अमेरिका के संकेत बता रहे हैं कि वह किसी समझौते पर टिकने को तैयार नहीं है। असदी का कहना है कि अमेरिका की हालिया बयानबाजी ही उसकी नीयत पर बड़े सवाल खड़े करती है।
कुल मिलाकर ईरान का मैसेज साफ है - उसे अमेरिका पर 'रत्तीभर भी भरोसा नहीं' है। असदी ने कहा कि हालात ऐसे बन रहे हैं जहां समझौते कमजोर पड़ रहे हैं और भरोसा खत्म हो रहा है। ईरान को लग रहा है कि अमेरिका सिर्फ दिखावे के बयान दे रहा है। उसका मकसद समस्या हल करना नहीं, बल्कि तेल की कीमतों और अपनी छवि को संभालना है।
ट्रंप का भी रुख स्पष्ट
मामला तब और गरमा गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बेहद कड़ा बयान सामने आया। ट्रंप ने दो-टूक कहा, 'हम पागलों के हाथ में परमाणु हथियार नहीं दे सकते।' उनके इस बयान को सीधे तौर पर ईरान के लिए चेतावनी माना जा रहा है। इस एक लाइन ने दोनों देशों के बीच पहले से चल रही खींचतान में आग में घी का काम किया है।
जिससे माहौल और गंभीर हो गया है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के साथ बातचीत उनकी शर्तों पर खरी नहीं उतर रही। ईरान ऐसी मांगें रख रहा है जिन्हें अमेरिका मानने को तैयार नहीं है। साथ ही ट्रंप ने दावा किया कि ईरान का नेतृत्व खुद एकजुट नहीं है और कई गुटों में बंटा हुआ है।
ईरान की बड़ी चेतावनी
ईरान ने साफ किया है कि उसकी सेना पूरी तरह अलर्ट पर है। अगर हालात बिगड़ते हैं या अमेरिका कोई नई कार्रवाई करता है, तो जवाब देने के लिए वे तैयार हैं। असदी ने चेतावनी दी कि अगर कोई 'नई हरकत या गलती' होती है, तो ईरान पीछे नहीं हटेगा। ईरान का कहना है कि अमेरिका के बयान सिर्फ दुनिया को दिखाने के लिए हैं। असल में वह ईरान पर दबाव बनाना चाहता है। लेकिन तेहरान झुकने को तैयार नहीं है।
क्या होगा अगला कदम?
गौरतलब है कि इन बयानों के बाद साफ है कि दोनों देशों के बीच भरोसा लगातार कमजोर हो रहा है। एक तरफ ईरान खुलकर कह रहा है कि जंग दोबारा शुरू हो सकती है। दूसरी तरफ अमेरिका भी कड़ा रुख दिखा रहा है।
अब बड़ा सवाल यही है कि क्या यह तनाव बड़े टकराव में बदलेगा या बातचीत से कोई रास्ता निकलेगा? फिलहाल हालात नाजुक बने हुए हैं। जानकार मानते हैं कि आने वाले दिन बेहद अहम साबित हो सकते हैं। दोनों देशों की बयानबाजी से पश्चिम एशिया में फिर से अशांति का खतरा बढ़ गया है।


