साधु का भेष बनाकर पुलिस ने पकड़ा 20 साल से फरार कातिल, वृंदावन से ऐसे हुआ गिरफ्तार

करीब 20 साल से फरार हत्या के दोषी को राजस्थान पुलिस ने उत्तर प्रदेश के वृंदावन से गिरफ्तार कर लिया. आरोपी को पकड़ने के लिए हेड कॉन्स्टेबल जोगेन्द्र सिंह ने साधु का भेष धारण कर कई दिनों तक ढाबों और गलियों में गुप्त निगरानी की, जिसके बाद पुलिस को बड़ी सफलता मिली.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: राजस्थान पुलिस ने करीब दो दशक से फरार चल रहे एक हत्या के दोषी को उत्तर प्रदेश के वृंदावन से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है. आजीवन कारावास की सजा पाए इस अपराधी पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस गिरफ्तारी को अंजाम देने के लिए एक हेड कॉन्स्टेबल ने साधु का भेष धारण कर कई दिनों तक गुप्त रूप से निगरानी की.

पुलिस के मुताबिक आरोपी लंबे समय से भेष बदलकर अलग-अलग जगहों पर रह रहा था और कानून से बचने की कोशिश कर रहा था. आखिरकार मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर चलाए गए विशेष अभियान में उसे वृंदावन से दबोच लिया गया.

हत्या के मामले में था दोषी

अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान वरुण सिंह (41) के रूप में हुई है, जो हिडान सिटी का निवासी है. उसे वर्ष 2005 में शराब कारोबारी नबाब सिंह उर्फ नब्बा सिंह की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था.

2006 में सुनाई गई थी आजीवन कारावास की सजा

करौली के अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक) की अदालत ने 19 अक्टूबर 2006 को इस मामले में फैसला सुनाते हुए वरुण सिंह को भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत आजीवन कारावास की सजा दी थी. इसके अलावा आर्म्स एक्ट के तहत भी अतिरिक्त सजा सुनाई गई थी.

आरोपी ने इस फैसले के खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, लेकिन दोनों अदालतों ने उसकी याचिका खारिज कर दी. इसके बाद उसके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया, लेकिन वह पुलिस की पकड़ से दूर रहा.

सालों तक भेष बदलकर पुलिस से बचता रहा

पुलिस ने 2006 के बाद से आरोपी को पकड़ने के लिए कई विशेष अभियान चलाए. इसके लिए कई टीमों का गठन कर राजस्थान सहित अन्य राज्यों में संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई.

मथुरा, वृंदावन, जयपुर और जम्मू-कश्मीर जैसे कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन आरोपी लगातार भेष बदलकर पुलिस को चकमा देता रहा. उसकी गिरफ्तारी के लिए समय-समय पर इनाम बढ़ाकर 25 हजार रुपये तक कर दिया गया था.

साधु बनकर की गई गुप्त निगरानी

हाल ही में राजस्थान पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत हेड कॉन्स्टेबल जोगेन्द्र सिंह के नेतृत्व में एक टीम को मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में भेजा गया था.

अधिकारियों के अनुसार, जोगेन्द्र सिंह ने साधु का भेष धारण कर कई दिनों तक चाय की थड़ियों, ढाबों और आसपास की गलियों में गुप्त रूप से निगरानी की. लगातार निगरानी और मुखबिर की सूचना के आधार पर आखिरकार पुलिस ने फरार आरोपी को पकड़ लिया.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो