24 घंटे CCTV निगरानी और डबल लॉक, जानिए स्ट्रांग रूम में कैसे रखे जाते हैं EVM
EVM और बैलेट बॉक्स को हर शहर में बने स्ट्रॉन्ग रूम में तीन लेयर की सुरक्षा में रखा जाता है, जहां सेंट्रल सिक्योरिटी फोर्स के जवान चौबीसों घंटे तैनात रहते हैं. कल रात बंगाल में TMC नेताओं ने स्ट्रांग रूम में रखे EVM और बैलेट बॉक्स से छेड़छाड़ का आरोप लगाया.

वोटिंग खत्म होने के बाद EVM और बैलेट बॉक्स को गिनती शुरू होने तक कड़ी सुरक्षा में रखा जाता है. EVM और बैलेट बॉक्स को हर शहर में बने स्ट्रॉन्ग रूम में तीन लेयर की सुरक्षा में रखा जाता है, जहां सेंट्रल सिक्योरिटी फोर्स के जवान चौबीसों घंटे तैनात रहते हैं. स्ट्रांग रूम जहां EVM और बैलेट बॉक्स रखे जाते हैं उसका एक ही गेट होता है जिस पर दो ताले लगे होते हैं. इन तालों को सील करके राजनीतिक पार्टी के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में दो अधिकारियों को सौंप दिया जाता है.
कल रात बंगाल में TMC नेताओं ने स्ट्रांग रूम में रखे EVM और बैलेट बॉक्स से छेड़छाड़ का आरोप लगाया. TMC नेताओं ने स्ट्रांग रूम में धरना भी दिया. TMC उम्मीदवारों का आरोप है कि उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बिना बैलेट बॉक्स खोले गए. हालांकि चुनाव आयोग ने TMC के आरोपों से इनकार किया है.
स्ट्रांग रूम में रहीं ममता बनर्जी
EVM से छेड़छाड़ के आरोपों के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी देर रात 4 घंटे तक स्ट्रांग रूम में रहीं. कोलकाता में भारी बारिश के बीच ममता रात 12 बजे तक स्ट्रांग रूम में रहीं. उन्होंने कहा, 'अगर EVM चुराने और वोटों की गिनती में हेरफेर करने की कोशिश की गई तो हम अपनी जान जोखिम में डाल देंगे.'
वोटिंग खत्म होने के बाद EVM और बैलेट बॉक्स सभी जिलों में प्रशासन द्वारा बनाए गए स्ट्रांग रूम में जमा कर दिए जाते हैं. बूथों से EVM को स्ट्रांग रूम तक ले जाने का काम प्रशासन और राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में पूरा किया जाता है. स्ट्रांग रूम को भी उनकी मौजूदगी में सील किया जाता है.
स्ट्रांग रूम सुरक्षा नियम
तीन-स्तरीय सुरक्षा: सबसे अंदरूनी घेरे में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) तैनात हैं, उसके बाद राज्य सशस्त्र पुलिस के जवान हैं.
डबल लॉक सिस्टम: स्ट्रॉन्ग रूम में सिर्फ एक एंट्रेंस है, जो दो लॉक (डबल लॉक) से सुरक्षित है. एक चाबी रिटर्निंग ऑफिसर (RO) के पास और दूसरी असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर (ARO) के पास होती है.
CCTV कवरेज (24x7 CCTV): स्ट्रांग रूम के एंट्रेंस और कॉरिडोर पर 24 घंटे CCTV कैमरों से नजर रखी जाती है, जिसे उम्मीदवार या उनके प्रतिनिधि देख सकते हैं.
सीलिंग प्रोसेस: वोटिंग के बाद EVM और बैलेट बॉक्स उम्मीदवारों की मौजूदगी में सील किए जाते हैं. उम्मीदवार या उनके एजेंट अपनी सील भी लगा सकते हैं.


