लद्दाख में डेयरी क्रांति: अमित शाह ने किया बड़ा ऐलान, लेह में लगेगा प्रतिदिन 50,000 लीटर क्षमता वाला प्लांट

बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए अमित शाह ने बताया कि सरकार लद्दाख के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रही है ताकि लोगों की आजीविका बनी रहे। लेह और कारगिल में लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से पशु ब्रीडिंग सेंटर बनाए जाएंगे।

Sachin Hari Legha

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (01 मई 2026) को लद्दाख में डेयरी सेक्टर को बदलने के लिए बड़ा रोडमैप पेश किया। उन्होंने लेह में रोज 50,000 लीटर दूध प्रोसेस करने वाला आधुनिक प्लांट लगाने की घोषणा की।

इस प्रोजेक्ट पर करीब 70 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसी क्रम में गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट रूप से यह भी बताया कि इस पहल से लेह और कारगिल के किसानों की आमदनी स्थिर होगी और ऊंचे पहाड़ी इलाके में डेयरी का मजबूत ढांचा तैयार होगा। 

बुद्ध पूर्णिमा पर लद्दाख को तोहफा   

आपको बताते चलें कि बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए अमित शाह ने बताया कि सरकार लद्दाख के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रही है ताकि लोगों की आजीविका बनी रहे। लेह और कारगिल में लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से पशु ब्रीडिंग सेंटर बनाए जाएंगे। इन सेंटर्स में ठंडे रेगिस्तान के मौसम में ढलने वाली और ज्यादा दूध देने वाली नस्लें लाई जाएंगी।

लेह में आगामी 10 साल में तीन गुना होंगे पशु   

भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हर साल करीब 500 बेहतर नस्ल के पशु लाए जाएंगे। अगले दस साल में लद्दाख में पशुओं की कुल संख्या तीन गुना करने का लक्ष्य है। उन्होंने माना कि यहां की मुश्किल जलवायु बड़ी चुनौती है। कम ऑक्सीजन और कड़ाके की ठंड में नए पशुओं को ढालने के लिए रिसर्च जरूरी है। पशुओं की संख्या बढ़ने से स्थानीय डेयरी किसानों को सीधा फायदा मिलेगा।

सहकारी समितियों का दायरा बढ़ेगा   

प्राप्त जानकारियों के मुताबिक नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ जुड़ने के बाद लद्दाख मिल्क फेडरेशन 28 गांवों तक पहुंच चुका है। शाह ने कहा कि पशु मालिकों को स्थिर कमाई देने के लिए इस नेटवर्क को 85% गांवों तक ले जाना होगा, जहां डेयरी संभव है। अभी रोजाना 6,000 लीटर दूध खरीदा जा रहा है।

प्रोसेसिंग क्षमता और संस्थागत गठजोड़ बढ़ने पर यह आंकड़ा 21,000 लीटर तक पहुंचने की उम्मीद है। गृह मंत्री ने यह भी बताया कि भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के साथ समझौते किए गए हैं। इन दोनों के करीब 18,000 जवान लद्दाख में तैनात हैं। ये डेयरी उत्पादों के लिए भरोसेमंद बाजार बनेंगे। बढ़ती मांग को देखते हुए प्लांट की क्षमता 5 TLPD से बढ़ाकर 10 TLPD की जाएगी।

कारगिल में लगेगा 25 करोड़ का नया प्लांट 

गृह मंत्री अमित शाह ने कारगिल में 10,000 लीटर रोजाना क्षमता वाले डेयरी प्लांट की नींव रखने का ऐलान किया। इस पर 25 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे ऊंचे इलाकों में भी डेयरी चेन मजबूत होगी। उन्होंने डेयरी कोऑपरेटिव्स में महिलाओं की भूमिका की तारीफ की। मौजूदा मिल्क यूनियन रोज 500 किलो पनीर और 1,000 किलो दही बना रहा है। आधुनिकीकरण से काम और तेज होगा।

टेक्नोलॉजी से सुधरेगी गुणवत्ता   

पूरे क्षेत्र में पारदर्शिता और गुणवत्ता जांच के लिए मोबाइल दूध टेस्टिंग यूनिट और डिजिटल ऑटोमेटेड मिल्क कलेक्शन सिस्टम शुरू किया जाएगा। शाह ने लद्दाख प्रशासन से कहा कि हर गांव की क्षमता का पूरा इस्तेमाल हो।

साथ ही शहद उत्पादन और ऑर्गेनिक खेती जैसे क्षेत्रों में भी कोऑपरेटिव मॉडल को बढ़ावा दिया जाए। इस योजना से लद्दाख के किसानों को नया बाजार मिलेगा और दूध उत्पादन आत्मनिर्भर बनेगा। ठंडे रेगिस्तान में डेयरी की यह क्रांति रोजगार और पोषण दोनों बढ़ाएगी।

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