ट्रंप की बातचीत की पेशकश के 24 घंटे बाद किम का जवाब, मिसाइलों की बरसात से बढ़ा तनाव

उत्तर कोरिया ने पूर्वी सागर की ओर 10 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर एक बार फिर क्षेत्रीय तनाव बढ़ा दिया. यह परीक्षण अमेरिका-दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास और हालिया कूटनीतिक बातचीत के तुरंत बाद हुआ.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच उत्तर कोरिया ने एक बार फिर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. शनिवार को उसने पूर्वी सागर की दिशा में 10 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी. दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) के मुताबिक, ये मिसाइलें दोपहर करीब 1:20 बजे राजधानी प्योंगयांग के सुनान क्षेत्र से लॉन्च की गईं. 

रक्षा मंत्रालय के हवाले से क्या बताया गया?

जापान के सरकारी मीडिया ने अपने रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया कि सभी मिसाइलें समुद्र में जाकर गिरीं. इस साल उत्तर कोरिया द्वारा किया गया यह तीसरा बड़ा मिसाइल परीक्षण माना जा रहा है. यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री किम मिन-सीओक के बीच हुई अचानक मुलाकात के ठीक एक दिन बाद सामने आई है. 

इस बैठक के दौरान ट्रंप ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के साथ अपने पुराने कूटनीतिक संबंधों का जिक्र करते हुए बातचीत की संभावना जताई थी. उन्होंने यह भी पूछा था कि क्या किम जोंग-उन अमेरिका या व्यक्तिगत रूप से उनसे बातचीत करने के इच्छुक हैं. हालांकि, उत्तर कोरिया की ओर से इस पहल का जवाब बेहद सख्त अंदाज में मिला. महज 24 घंटे के भीतर किए गए इस मिसाइल परीक्षण को कई विशेषज्ञ एक स्पष्ट संकेत के रूप में देख रहे हैं कि फिलहाल प्योंगयांग बातचीत के मूड में नहीं है.

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह मिसाइल परीक्षण दक्षिण कोरिया और अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास “फ्रीडम शील्ड” के खिलाफ प्रतिक्रिया हो सकता है. यह अभ्यास 9 मार्च से शुरू हुआ था. हालांकि इस साल इसकी व्यापकता पिछले वर्ष की तुलना में लगभग आधी कर दी गई है, फिर भी उत्तर कोरिया इसे अपने खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी मानता है.

इस सैन्य अभ्यास के शुरू होने के अगले ही दिन उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन की बहन किम यो-जोंग ने कड़ी चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि यदि दुश्मन ताकतें सैन्य उकसावे की कार्रवाई जारी रखती हैं तो इसके परिणाम बेहद गंभीर और अप्रत्याशित हो सकते हैं.

क्षेत्रीय सुरक्षा को देखते हुए निगरानी और सतर्कता बढ़ी

इधर, दक्षिण कोरिया की सेना ने क्षेत्रीय सुरक्षा को देखते हुए अपनी निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है. जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अनुसार, संभावित अतिरिक्त प्रक्षेपणों की आशंका को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. अमेरिका और जापान के साथ भी खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान किया जा रहा है, ताकि किसी भी खतरे का समय रहते सामना किया जा सके.

गौरतलब है कि इससे पहले उत्तर कोरिया ने करीब 47 दिन पहले भी मिसाइल परीक्षण किया था. जनवरी में हुए उस परीक्षण के समय अमेरिकी रक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एलब्रिज कोल्बी एशियाई देशों के दौरे पर थे, जिससे इस क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति पहले ही संवेदनशील बनी हुई थी.

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