चंद मिनटों में 500 दुकानें जलकर राख...7 करोड़ से अधिक का नुकसान, कटिहार में सड़क पर मची अफरा-तफरी
बिहार के कटिहार जिले के कुरसेला में रविवार शाम स्टेट हाट में उठी सिर्फ एक चिंगारी ने सैकड़ों परिवारों का भविष्य अंधेरे में धकेल दिया. इस घटना में करीब 500 दुकानें जलकर राख हो गईं, जिससे 7 करोड़ से अधिक का नुकसान बताया जा रहा है. आग की लपटें इतनी ज्यादा भयावह थीं कि 5 किलोमीटर दूर से ही आसमान लाल दिखाई दे रहा था. इस हादसे के बाद NH-31 और स्टेट हाईवे-77 पर अफरा-तफरी मच गई.

बिहार : 15 फरवरी की वह काली शाम कटिहार के कुरसेला वासियों के लिए किसी भयावह और डरावने सपने जैसी थी. जब लोग रविवार की छुट्टी मनाकर आराम करने की तैयारी कर रहे थे, तभी शहीद चौक स्थित स्टेट हाट में उठी एक भयानक चिंगारी ने सैकड़ों परिवारों का भविष्य अंधेरे में धकेल दिया. यह सिर्फ दुकानों का जलना नहीं था, बल्कि उन व्यापारियों के सपनों का खाक होना था जिन्होंने कड़ी मेहनत से अपना कारोबार खड़ा किया था. इस भीषण अग्निकांड ने कुरसेला को गहरा जख्म दिया है.
कपड़ा पट्टी की दुकान से हुई आग की शुरुआत
आपको बता दें कि रविवार रात करीब 7:30 बजे आग की शुरुआत एक कपड़ा पट्टी की दुकान से हुई. देखते ही देखते लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया और 500 से ज्यादा दुकानें धू-धू कर जलने लगीं. टीन और फूस से बनी ये दुकानें आग के लिए ईंधन साबित हुईं. कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, सब्जी और मोबाइल जैसे कीमती सामान मिनटों में मलबे में तब्दील हो गए. आग इतनी तेज थी कि इसकी भयावह लपटें 5 किलोमीटर दूर से भी साफ दिखाई दे रही थीं, जिससे पूरा आसमान लाल हो गया था.
NH-31 और SH-77 पर यातायात पूरी तरह ठप
बाजार में मची भगदड़ के कारण एनएच-31 और स्टेट हाईवे-77 पर यातायात पूरी तरह ठप करना पड़ा. आसपास के मकानों में रहने वाले लोग दहशत में आकर अपना कीमती सामान सुरक्षित स्थानों पर निकालने लगे. स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं, लेकिन आग पर काबू पाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था. पूरे कुरसेला परिक्षेत्र में चीख-पुकार मची हुई थी और लोग अपनी आंखों के सामने अपनी जीवन भर की पूंजी को राख होते देख पूरी तरह बेबस नजर आ रहे थे.
संसाधनों की कमी पर फूटा गुस्सा
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने फायर ब्रिगेड की कार्यशैली और संसाधनों की भारी कमी पर कड़े सवाल उठाए हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि सबसे पहले पहुंची छोटी दमकल गाड़ियों का पानी तुरंत खत्म हो गया, जिससे आग पर नियंत्रण पाने में देरी हुई. जब तक कटिहार मुख्यालय से बड़ी गाड़ियां और अतिरिक्त टीमें मौके पर पहुंचीं, तब तक भारी नुकसान हो चुका था. अगर समय पर पर्याप्त संसाधन और पानी की व्यवस्था उपलब्ध होती, तो शायद तबाही का यह मंजर इतना भयावह नहीं होता.
करोड़ों की संपत्ति जलकर राख, रोजी-रोटी पर संकट
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, इस अग्निकांड में व्यापारियों की लगभग 7 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जलकर खाक हो गई है. कपड़ा और कॉस्मेटिक के दुकानदारों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है. यह केवल आर्थिक नुकसान नहीं है, बल्कि सैकड़ों परिवारों के सामने अब भविष्य का संकट खड़ा हो गया है. कई व्यापारी ऐसे थे जिन्होंने बैंक से भारी कर्ज लेकर या अपनी बेटियों की शादी के लिए जमा पूंजी लगाकर दुकानें खोली थीं, जो अब पूरी तरह से राख के ढेर में बदल गई हैं.
अधिकारियों ने दिया मदद का भरोसा
हादसे की जानकारी मिलते ही एसडीओ, डीएसपी रंजन कुमार सिंह और बीडीओ कुमारी प्रियंवदा समेत कई आला अधिकारी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने पूरी स्थिति का गहन निरीक्षण किया और प्रभावित व्यापारियों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया. अनुमंडल पदाधिकारी ने आश्वासन दिया है कि नुकसान का सही आकलन किया जा रहा है और जल्द ही सरकारी नियमों के अनुसार पीड़ितों को सहायता राशि प्रदान की जाएगी. फिलहाल कुरसेला बाजार में सन्नाटा पसरा है और प्रभावित लोग शासन से बड़ी मदद की आस लगाए बैठे हैं.


