'अब कोई शर्म नहीं बची है...', ओबामा का ट्रंप पर तीखा हमला, अमेरिकी राजनीति को बताया 'जोकरों का शो'
पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ट्रंप प्रशासन की राजनीति को तीखा करारा देते हुए 'जोकरों का शो' करार दिया. उन्होंने शालीनता और सम्मान की कमी पर गहरी चिंता जताई, खासकर एक विवादास्पद वीडियो पर ट्रंप द्वारा माफी न मांगने का जिक्र किया. ओबामा ने डेमोक्रेट्स को सलाह दी कि वे रिपब्लिकन्स की विनाशकारी रणनीति न अपनाएं, बल्कि सच्चाई, शालीनता और लोकतंत्र के मूल्यों को मजबूती से थामे रखें.

नई दिल्ली: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान अमेरिकी राजनीति के गिरते स्तर पर कड़ा प्रहार किया है. एक पॉडकास्ट में ओबामा ने ट्रंप प्रशासन की राजनीति को 'जोकरों का शो' करार दिया और कहा कि व्हाइट हाउस से निकलने वाली हालिया बयानबाजी ने ज्यादातर अमेरिकियों को व्यथित कर दिया है.
पॉडकास्ट पर ओबामा ने उस विवादास्पद वीडियो का उल्लेख किया, जिसमें उन्हें और पूर्व प्रथम महिला मिशेल ओबामा को आपत्तिजनक तरीके से दिखाया गया था. ट्रंप द्वारा माफी न मांगने और इसे कर्मचारी की भूल बताने पर ओबामा ने जोर देकर कहा कि ज्यादातर अमेरिकी इस व्यवहार को बेहद परेशान करने वाला मानते हैं.
राजनीति में शालीनता का पतन
ओबामा ने सोशल मीडिया और टेलीविजन पर चल रही मौजूदा राजनीति को सर्कस जैसा बताया. उन्होंने कहा कि एक तरह का 'क्लाउन शो' चल रहा है. सच तो यह है कि उन लोगों में अब कोई शर्म नहीं बची है, जिन्हें पहले लगता था कि पद के प्रति मर्यादा, शिष्टाचार और सम्मान होना चाहिए. वह अब खो गया है.
मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने की रणनीति
जब कोहेन ने 'संवाद के पतन' और आव्रजन अभियानों के दौरान मारे गए नागरिकों को घरेलू आतंकवादी कहने पर सवाल किया, तो ओबामा ने इसे मूल मुद्दों से भटकाने वाली चाल बताया. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अधिकांश नागरिक आज भी शालीनता और दयालुता में यकीन रखते हैं.
रिपब्लिकन पार्टी पर कटाक्ष
रिपब्लिकन पार्टी की कार्यशैली पर हमला बोलते हुए ओबामा ने कहा कि वे सिर्फ स्थापित नियमों और कानूनों को उलझाने में लगे हैं, जो रचनात्मक काम की तुलना में आसान है. उन्होंने डेमोक्रेट्स को सावधान किया कि वे जवाब में रिपब्लिकन जैसी 'जलाओ और नष्ट करो' वाली नीति न अपनाएं. ओबामा ने कहा कि मैं नहीं चाहता कि हम सच्चाई की परवाह न करें जैसा कि दूसरा पक्ष कर रहा है. अगर हम उसी तरह से लड़ते हैं, तो हम वह खो देंगे जिसके लिए हम लड़ रहे हैं.
लोकतंत्र की रक्षा पर जोर
अपने कार्यकाल का हवाला देते हुए ओबामा ने कहा कि वे भी विपक्षी राज्यों के खिलाफ सैन्य या वित्तीय ताकत का दुरुपयोग कर सकते थे, लेकिन यह लोकतंत्र के सिद्धांतों के विरुद्ध होता. अंत में उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे इस चुनौती से निराश न हों, क्योंकि लोकतंत्र की सुरक्षा का काम हमेशा थोड़ा मुश्किल होता है.


