असम चुनाव से पहले कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, इस दिग्गज नेता ने पार्टी से दिया इस्तीफा

असम में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले है और उससे ठीक पहले कांग्रेस पार्टी को एक बड़ा झटका लगा है. पार्टी के सीनियर लीडर और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रिपुन बोरा ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है. सभी पदों के साथ ही उन्होंने प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

दिसपुर : असम की सियासत इन दिनों भारी उबाल पर है. चुनाव में अब बस कुछ ही महीने शेष हैं और ऐसे समय में कांग्रेस के कद्दावर नेता रिपुन बोरा का इस्तीफा पार्टी के लिए बड़ा सदमा है. एक तरफ जहां कांग्रेस अपने कुनबे को संभालने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और सांसद गौरव गोगोई के बीच चल रही जुबानी जंग ने राज्य के राजनीतिक विमर्श को व्यक्तिगत हमलों के निचले स्तर तक पहुँचा दिया है.

रिपुन बोरा का अचानक इस्तीफा

आपको बता दें कि असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व राज्यसभा सदस्य रिपुन बोरा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता सहित सभी पदों से त्यागपत्र दे दिया है. तरुण गोगोई सरकार में दो बार मंत्री रहे बोरा का जाना कांग्रेस के लिए चुनावी दृष्टिकोण से बड़ी क्षति है. 2016 में पार्टी की कमान संभालने वाले बोरा बीच में टीएमसी भी गए थे. चर्चा है कि वे अब भाजपा का दामन थाम सकते हैं, जिससे आगामी चुनाव में कांग्रेस के चुनावी समीकरण और सांगठनिक ढांचा पूरी तरह बिगड़ सकते हैं.

जमीन और पाकिस्तान के रिश्तों पर बवाल

चुनाव प्रचार की सरगर्मी के बीच मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और गौरव गोगोई के बीच तीखी बहस छिड़ी हुई है. विवाद की शुरुआत तब हुई जब गोगोई ने मुख्यमंत्री पर 1000 बीघा जमीन रखने का गंभीर आरोप लगाया. इसके जवाब में मुख्यमंत्री सरमा ने गौरव गोगोई के पाकिस्तान के साथ कथित संबंधों का दावा कर सबको चौंका दिया. मुख्यमंत्री के इस आक्रामक तेवर ने विपक्षी खेमे में भारी हलचल पैदा कर दी है और चुनावी लड़ाई अब विकास के मुद्दों के बजाय व्यक्तिगत हो गई है.

एलिजाबेथ कॉलबर्न पर कांग्रेस ने दागे सवाल

मुख्यमंत्री सरमा ने सीधे गौरव गोगोई की ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कॉलबर्न को निशाने पर लिया है. सरमा का आरोप है कि एलिजाबेथ के संबंध पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख से हैं. मुख्यमंत्री का दावा है कि इन लोगों ने खुफिया ब्यूरो की संवेदनशील जानकारियां पड़ोसी देश के साथ साझा की हैं. इस तरह के संगीन और निजी आरोपों ने राजनीतिक मर्यादाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे एक प्रतिष्ठित परिवार की साख को सार्वजनिक रूप से ठेस पहुँचाने की कोशिश की गई है.

कांग्रेस का तीखा पलटवार

मुख्यमंत्री के इन आरोपों पर कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया है. सांसद गौरव गोगोई ने पलटवार करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है. वहीं, कांग्रेस महासचिव जितेंद्र सिंह ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और स्तरहीन करार दिया. पार्टी का तर्क है कि यदि मुख्यमंत्री के दावों में रत्ती भर भी सच्चाई है, तो अभी तक असम पुलिस ने इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की और कोई ठोस और सख्त कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

सक्रिय मोड में नजर आ रही भाजपा 

असम में चुनावी रणभेरी बजने वाली है और भाजपा पूरी तरह सक्रिय मोड में नजर आ रही है. मुख्यमंत्री सरमा लगातार रैलियों के जरिए जनता से जुड़ रहे हैं. वहीं कांग्रेस के भीतर रिपुन बोरा जैसे अनुभवी नेताओं का मोहभंग होना और गोगोई जैसे प्रमुख चेहरे के खिलाफ निजी हमलों ने विपक्ष के लिए डैमेज कंट्रोल की चुनौती खड़ी कर दी है. आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ये व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप वोटरों के मूड को असल में किस ओर मोड़ते हैं.

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