राजस्थान के भिवाड़ी में केमिकल फैक्ट्री में लगी भीषण आग, जिंदा जलने से 7 लोगों की दर्दनाक मौत...रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

राजस्थान के भिवाड़ी में सोमवार सुबह एक एक केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग लग गई. जिससे 7 कर्मचारियों की जिंदा जलने से दर्दनाक मौत हो गई. करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद प्रशासन ने आग पर कंट्रोल पाया और सात शव बरामद किए. लोगों का कहना है कि फैक्ट्री में केमिकल्स की मौजूदगी के कारण आग काफी तेजी से फैली थी.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

भिवाड़ी : राजस्थान के प्रमुख औद्योगिक केंद्र भिवाड़ी के खुशखेड़ा क्षेत्र में सोमवार की सुबह एक भीषण हादसा पेश आया. यहां स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में अचानक भड़की आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और सात निर्दोष मजदूरों को अपनी आगोश में ले लिया. खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र के प्लॉट नंबर G1/118B में हुई इस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. ज्वलनशील रसायनों की मौजूदगी की वजह से आग इतनी तेजी से फैली कि मजदूरों को बाहर निकलने का अवसर नहीं मिला.

केमिकल्स ने आग में घी का काम किया 

आपको बता दें कि सोमवार सुबह जब मजदूर काम में व्यस्त थे, तभी अचानक फैक्ट्री के भीतर से लपटें निकलने लगीं. देखते ही देखते धुएं का काला गुबार आसमान में छा गया. फैक्ट्री में रखे केमिकल्स ने आग में घी का काम किया, जिससे बचाव कार्य में भारी कठिनाई हुई. चश्मदीदों के अनुसार, हादसे के वक्त फैक्ट्री के भीतर करीब 20 से 25 मजदूर मौजूद थे. इनमें से कुछ तो अपनी जान बचाकर बाहर भागने में सफल रहे, लेकिन सात मजदूर आग की भीषण लपटों के बीच ही फंस गए.

डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद पाया गया काबू 

आग की सूचना मिलते ही भिवाड़ी एसपी, तिजारा डीएसपी शिवराज सिंह और अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुमित्रा मिश्र तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे. भिवाड़ी, तिजारा और आसपास के अन्य क्षेत्रों से दमकल की कई गाड़ियां मौके पर बुलाई गईं. दमकलकर्मियों ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. इसके तुरंत बाद शुरू हुए रेस्क्यू ऑपरेशन में मलबे के बीच से सात मजदूरों के शव बरामद किए गए. प्रशासन ने पुख्ता किया है कि फैक्ट्री में भीषण तापमान के कारण बचाव कार्य काफी चुनौतीपूर्ण था.

फैक्ट्री के बाहर मजदूरों की भारी भीड़ 

हादसे की खबर मिलते ही फैक्ट्री के बाहर मजदूरों के परिजनों की भारी भीड़ जमा हो गई. अपनों को खोने का दुख और फैक्ट्री प्रबंधन के प्रति उनका आक्रोश साफ तौर पर देखा गया. स्थिति को बिगड़ने से रोकने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है. परिजनों का आरोप है कि फैक्ट्री के अंदर सुरक्षा के मानक पूरे नहीं थे. पुलिस फिलहाल लोगों को शांत करने और व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास कर रही है.

आधिकारिक तौर पर 7 लोगों की मौत

अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुमित्रा मिश्र ने आधिकारिक तौर पर सात मौतों की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है. यह पता लगाया जा रहा है कि क्या फैक्ट्री में अग्निशमन उपकरणों की व्यवस्था थी या नहीं. हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी दुर्घटना होने के बावजूद अभी तक कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई भी आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है. प्रशासन अब कंपनी के मालिकों से संपर्क साधने और जवाबदेही तय करने में जुटा है.

सुरक्षा को लेकर खड़े हुए सवाल 

भिवाड़ी के औद्योगिक क्षेत्र में हुई इस घटना ने एक बार फिर मजदूर सुरक्षा और फैक्ट्री ऑडिट पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अक्सर औद्योगिक इकाइयों में रसायनों के असुरक्षित रखरखाव के कारण ऐसी त्रासदियां होती हैं. सात परिवारों के चिराग बुझने के बाद अब यह देखना होगा कि प्रशासन दोषियों के खिलाफ क्या ठोस कार्रवाई करता है. क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नियम लागू होंगे या फिर यह मामला भी केवल कागजी जांच तक ही सीमित रह जाएगा?

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