किम परिवार में सत्ता का महायुद्ध! बहन या बेटी, कौन होगा उत्तर कोरिया का उत्तराधिकारी
दक्षिण कोरियाई खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, किम जोंग उन अपनी छोटी बेटी किम जू ए को उत्तराधिकारी बनाने की तैयारी में जुटे हैं. लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं. इससे परिवार में सत्ता की तगड़ी जंग छिड़ सकती है, क्योंकि किम की बहन किम यो-जोंग भी शीर्ष कुर्सी की मजबूत दावेदार हैं.

उत्तर कोरिया में सत्ता हस्तांतरण को लेकर नई अटकलें तेज हो गई हैं. किम जोंग उन की किशोर बेटी किम जू ए को अगली नेता के रूप में तैयार करने के संकेत मिलने से क्षेत्रीय विश्लेषकों के बीच बहस छिड़ गई है. दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी और सांसदों ने उनकी सार्वजनिक उपस्थिति में उल्लेखनीय वृद्धि का हवाला देते हुए कहा है कि किम जोंग उन ने अपनी बेटी को उत्तराधिकारी के रूप में नामित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
यदि ये संकेत सही साबित हुए तो किम परिवार के भीतर सत्ता के लिए संघर्ष छिड़ सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि किम जोंग उन की 38 वर्षीय बहन किम यो जोंग, जो वर्तमान में देश की दूसरी सबसे ताकतवर शख्सियत मानी जाती हैं, आसानी से इस पद को छोड़ने वाली नहीं हैं. दक्षिण कोरियाई पूर्व राजदूत और खुफिया अधिकारी राह जोंग-यिल ने द टेलीग्राफ को दिए इंटरव्यू में कहा, यह समय पर निर्भर करता है, लेकिन मेरा मानना है कि अगर किम यो-जोंग को लगता है कि उनके पास शीर्ष नेता बनने का मौका है, तो वह इसे जरूर भुनाएंगी.
किम जू ए की बढ़ती सार्वजनिक उपस्थिति
किम जू ए, जिनकी उम्र अभी किशोरावस्था में मानी जाती है, पिछले कुछ समय से अपने पिता के साथ कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में नजर आ रही हैं. उत्तर कोरियाई राज्य मीडिया उन्हें नियमित रूप से प्रिय बेटी और प्यारी बेटी के रूप में संबोधित करता है. वह किम जोंग उन के तीन बच्चों में से एकमात्र ऐसी संतान हैं जिन्हें सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया गया है.
खुफिया एजेंसी का दावा
दक्षिण कोरिया की नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस ने बंद कमरे की ब्रिफिंग में सांसदों को बताया कि किम जोंग उन उत्तराधिकारी नामांकन के चरण में प्रवेश कर चुके हैं. एनआईएस के अनुसार, जू ए अब केवल औपचारिक उपस्थिति तक सीमित नहीं हैं बल्कि उन्होंने कुछ नीतिगत मामलों पर राय व्यक्त की है, जो इस गोपनीय शासन में असामान्य माना जा रहा है.
किम यो जोंग की मजबूत स्थिति
किम यो जोंग को उत्तर कोरिया में सेना और नौकरशाही पर काफी प्रभाव रखने वाली माना जाता है. विश्लेषकों का कहना है कि यदि समय सही लगा तो वह शीर्ष पद पर कब्जा करने से पीछे नहीं हटेंगी.
जू ए का पहला सार्वजनिक प्रकटन और बढ़ती भूमिका
जू ए पहली बार 2022 में आईसीबीएम लॉन्च के दौरान अपने पिता के साथ दिखी थीं. उसके बाद से वह कई सैन्य परेड, मिसाइल परीक्षण और अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों में शामिल हुईं. पिछले साल सितंबर में वह किम जोंग उन के साथ बीजिंग में चीनी सैन्य परेड में भी गई थीं, हालांकि वहां वह सार्वजनिक दृष्टि से दूर रहीं.
उत्तराधिकार की प्रक्रिया और इतिहास
किम परिवार में उत्तराधिकार की प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय रहती है. 2011 में किम जोंग उन ने अपने पिता से सत्ता संभाली थी. उसके बाद उन्होंने अपने चाचा जांग सोंग-थेक को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कर फायरिंग स्क्वॉड से मौत के घाट उतार दिया था. इसी तरह 2017 में उनके सौतेले भाई किम जोंग-नाम की कुशलता से हत्या कर दी गई थी. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जू ए को उत्तराधिकारी घोषित किया गया तो परिवार के भीतर तनाव और संघर्ष की संभावना बढ़ जाएगी.
आगामी राजनीतिक सभा पर सबकी नजर
फरवरी के अंत में उत्तर कोरिया की पांच साल बाद होने वाली प्रमुख राजनीतिक सभा में जू ए की उपस्थिति, उनके साथ व्यवहार और किसी औपचारिक उपाधि का ऐलान उत्तराधिकार की दिशा तय करने वाला हो सकता है. दक्षिण कोरियाई एनआईएस ने कहा है कि वह इस सभा पर विशेष नजर रखेगी.


