National News: चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी (PLAN) आज दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना है। इसमें 384,000 से अधिक सैनिक हैं और इसका जहाजों का बेड़ा संख्या के मामले में अमेरिका से भी आगे है। हालाँकि युद्ध का अनुभव अमेरिकी नौसेना के मुकाबले कम है। इसके पास एयरक्राफ्ट कैरियर, विध्वंसक और अत्याधुनिक पनडुब्बियां मौजूद हैं। चीन लगातार अपने समुद्री हितों की रक्षा के लिए नौसेना को अपग्रेड कर रहा है। PLAN का विस्तार एशिया-प्रशांत क्षेत्र में एक निर्णायक सैन्य शक्ति बना रहा है।
अमेरिकी नौसेना तकनीक, तैनाती और क्षमता के मामले में सबसे शक्तिशाली मानी जाती है। उसके पास ब्लू वाटर नेवी की वैश्विक मौजूदगी है। एयरक्राफ्ट कैरियर, न्यूक्लियर पनडुब्बियों और युद्धपोतों से लैस अमेरिकी नौसेना किसी भी समुद्री क्षेत्र में तत्काल प्रभावी कार्रवाई में सक्षम है। इसकी रणनीतिक पहुंच दुनिया के हर महासागर में बनी रहती है। अमेरिका की इस ताकत के चलते वह वैश्विक समुद्री सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
रूस तीसरी सबसे बड़ी नौसेना का मालिक है। इसकी परमाणु पनडुब्बियां दुनिया की सबसे खतरनाक पनडुब्बियों में मानी जाती हैं। रूस के पास 64 पनडुब्बियों के अलावा एयरक्राफ्ट कैरियर, विध्वंसक और कॉर्वेट हैं। करीब 1.5 लाख नौसैनिक इसमें तैनात हैं। यूएसएसआर के पतन के बाद भी रूस ने समुद्री सैन्य शक्ति को कम नहीं होने दिया। यह नौसेना आर्कटिक क्षेत्र में भी सक्रिय रूप से ऑपरेशन करती है।
इंडोनेशिया चौथी सबसे बड़ी नौसेना का दावा करता है। इसके पास 331 जहाजों का विशाल बेड़ा है। इसका फोकस एंटी सबमरीन वारफेयर, एयर डिफेंस और एम्फीबियस ऑपरेशनों पर है। इंडोनेशिया अपनी नेवी को ब्लू वाटर के रूप में विकसित करने की दिशा में बढ़ रहा है। दक्षिण-पूर्व एशिया में इंडोनेशिया की सामरिक स्थिति इसे रणनीतिक दृष्टिकोण से बेहद अहम बनाती है।
स्वीडिश नौसेना भले ही संख्या में छोटी हो, लेकिन यह तकनीकी रूप से काफी उन्नत है। बाल्टिक सागर में इसकी ऑपरेशनल दक्षता शानदार मानी जाती है। इसमें कोरवेट, माइन स्विपर और पांच उन्नत पनडुब्बियां शामिल हैं। यह माइन वॉरफेयर और कोस्टल डिफेंस के लिए विशेष रूप से सक्षम मानी जाती है।
भारतीय नौसेना के पास 293 जहाजों का फ्लीट है जिसमें INS विक्रांत जैसे एयरक्राफ्ट कैरियर भी शामिल हैं। भारत की नौसेना की ताकत फायरपावर और व्यापक ऑपरेशनल क्षेत्र में दिखाई देती है। दो न्यूक्लियर सबमरीन से लैस भारत फारस की खाड़ी से मलक्का जलडमरूमध्य तक अपना प्रभाव रखता है। करीब 70,000 सैनिक इसमें सक्रिय हैं।
ग्लोबल फायरपावर रैंकिंग में पाकिस्तान की नौसेना 27वें स्थान पर है। उसके पास मात्र 121 जहाज हैं और सीमित सामरिक क्षमताएं हैं। भारत और चीन जैसी नौसेनाओं के मुकाबले पाकिस्तानी नेवी की ऑपरेशनल क्षमता बेहद सीमित है। इसके बावजूद पाकिस्तान अपने समुद्री क्षेत्र की निगरानी और सुरक्षा पर काम कर रहा है। First Updated : Friday, 04 July 2025