'पाकिस्तान खुद एक समस्या...', पाक की मध्यस्थता पर इजरायल का तीखा कमेंट, भारत की सराहना की
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने रविवार को एक दिलचस्प घोषणा की. सऊदी अरब, मिस्र और तुर्किये के विदेश मंत्रियों के साथ मीटिंग के बाद इस्लामाबाद अब अमेरिका और ईरान के बीच अहम वार्ता कराने जा रहा है.

इजरायल ने साफ तौर पर कहा है कि पाकिस्तान की बजाय भारत मध्यस्थ के रूप में बेहतर साबित हो सकता है. यह बयान उस समय आया है जब पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करने की लगातार कोशिश कर रहा है. इजरायली विदेश मंत्रालय की विशेष दूत फ्लूर हसन-नहूम ने एक इंटरव्यू में पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों पर सवाल उठाते हुए भारत की तारीफ की. उन्होंने कहा कि भारत इजरायल का करीबी सहयोगी है और बेहतर मध्यस्थ हो सकता है.
पाकिस्तान की प्रासंगिक कोशिश
इजरायली विशेष दूत फ्लूर हसन-नहूम ने इंटरव्यू में पाकिस्तान की भूमिका पर कहा, 'मेरा मतलब है, मुझे नहीं पता कि पाकिस्तानियों को क्या लगता है कि वे क्या कर रहे हैं. मुझे लगता है कि वे खुद को प्रासंगिक बनाने की कोशिश कर रहे हैं. वे खुद जिहादी आतंकवाद की दुनिया में एक बहुत बड़ी समस्या हैं.
भारत को बताया बेहतर मध्यस्थ
फ्लूर हसन-नहूम ने भारत की सराहना करते हुए कहा, भारत इजरायल का एक बहुत करीबी सहयोगी है. जैसा कि आप जानते हैं, युद्ध शुरू होने से कुछ ही दिन पहले आपके प्रधानमंत्री यहां आए थे. और हम समझते हैं कि भारत सभी के साथ बेहतरीन संबंध रखता है. अगर आप मुझसे पूछें, तो वे पाकिस्तान की तुलना में कहीं बेहतर मध्यस्थ हो सकते हैं. लेकिन देखते हैं कि चीजें आगे कैसे बढ़ती हैं.
पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशें
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने रविवार को कहा कि सऊदी अरब, मिस्र और तुर्किये के विदेश मंत्रियों के साथ मीटिंग के बाद इस्लामाबाद अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता आयोजित करेगा. डार ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर चर्चा के दौरान यह बात कही. उन्होंने कहा कि इस संघर्ष के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में गंभीर संकट पैदा हुए हैं.
ईरान ने किया बातचीत से इनकार
ईरान ने सोमवार को अमेरिका के साथ युद्ध खत्म करने पर बातचीत करने से इनकार कर दिया है. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि तेहरान को मध्यस्थों के माध्यम से संदेश मिले हैं कि अमेरिका बातचीत के लिए तैयार है. उनकी ओर से भेजी गई शर्तें अतार्किक हैं. हमारा रुख साफ है. हमपर सैन्य हमला हुआ है. इसलिए हमारी पूरी ताकत अपनी रक्षा पर ध्यान लगा रहे हैं.
प्रेस ब्रीफिंग में इस्माइल बघाई ने कहा कि अब तक ईरान और अमेरिका के बीच सिर्फ मध्यस्थों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान हुआ है. कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है. पाकिस्तान में हुई मिटिंग पर ईरान ने स्पष्ट किया कि ये उनकी अपनी पहल है, इसमें ईरान शामिल नहीं है. बघाई ने कहा कि ईरान का रुख शुरू से स्पष्ट रहा है, जबकि अमेरिका अपने रवैए में लगातार बदलाव करता रहा है.


