नई दिल्ली: 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान की तरफ से लगातार यह दावा किया जा रहा था कि भारतीय वायु सेना के राफेल जेट्स को निशाना बनाकर गिरा दिया गया है। लेकिन अब भारतीय वायु सेना के एक आधिकारिक दस्तावेज़ ने इन दावों की हवा निकाल दी है। दस्तावेज़ के मुताबिक भारत के पास मौजूद सभी 36 राफेल फाइटर जेट पूरी तरह ऑपरेशनल हैं और नियमित रूप से उड़ान भर रहे हैं।
15 जून 2026 के रिकॉर्ड के अनुसार, एयर हेडक्वार्टर के इंजीनियरिंग निदेशालय ने फ्रांस की कंपनी सैफ्रन एयरक्राफ्ट इंजन्स को ब्रिज सपोर्ट पैकेज के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोज़ल जारी किया है।
इस दस्तावेज़ में साफ लिखा है कि 2016 में भारत-फ्रांस के बीच हुए समझौते के तहत खरीदे गए सभी 36 राफेल विमान अभी भी सेवा में हैं। साथ ही सितंबर 2026 के बाद भी बेड़े के सुचारू संचालन के लिए तकनीकी और रखरखाव सहायता की जरूरत होगी।
IAF ने अगले पांच महीनों के लिए हर राफेल जेट की उड़ान योजना भी तैयार की है। दस्तावेज़ के मुताबिक हर विमान साल में औसतन 150 घंटे उड़ान भरेगा। यानी पांच महीने की ब्रिज अवधि में पूरे बेड़े से करीब 2250 घंटे की उड़ान का अनुमान है। यह जानकारी सीधे उन दावों को गलत साबित करती है जिसमें कहा गया था कि हाल के अभियानों में कई राफेल नष्ट हो गए थे।
2016 में भारत और फ्रांस के बीच हुए सौदे में 36 राफेल विमानों के साथ उपकरण, स्पेयर पार्ट्स और पांच साल तक मेंटेनेंस सपोर्ट भी शामिल था। अब जो ब्रिज सपोर्ट पैकेज लाया गया है उसका मकसद 18 सितंबर 2026 के बाद भी बिना रुकावट ऑपरेशनल और टेक्निकल मदद सुनिश्चित करना है। डिफेंस एक्सपर्ट्स का कहना है कि एडवांस्ड फाइटर जेट्स के लिए इस तरह के सपोर्ट एग्रीमेंट पूरी तरह सामान्य प्रक्रिया है।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान और उससे जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स ने राफेल को लेकर कई दावे किए थे। लेकिन IAF के ताजा दस्तावेज़ से साफ है कि भारत का पूरा राफेल बेड़ा सुरक्षित और एक्टिव है। इस खुलासे के बाद पाकिस्तान के नैरेटिव की विश्वसनीयता पर फिर सवाल उठ गए हैं। First Updated : Tuesday, 23 June 2026