इंटरनेशनल न्यूज. चीन की रक्षा एजेंसी संभावित खतरों से निपटने के लिए ग्रह रक्षा प्रणाली को मजबूत करने में जुट गई है. एससीएमपी की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की राष्ट्रीय रक्षा एजेंसी अंतरित्र शोधकर्ताओं को भर्ती कर रही है जो क्षुद्रग्रहों की निगरानी और टकराव से बचाव के उपायों पर काम करेंगे.
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि 2024 YR4 नामक क्षुद्रग्रह किसी शहरी क्षेत्र से टकराता है, तो यह व्यापक विनाश का कारण बन सकता है. इस टकराव से उत्पन्न शॉक वेव्स और विकिरण मध्यम आकार के शहर को पूरी तरह नष्ट कर सकते हैं. संभावित खतरों की सूची में कोलंबिया का बोगोटा, कैमरून और भारत का इंदौर शामिल हैं. जहां इसकी टक्कर की संभावना अधिक आंकी जा रही है.
ग्रह रक्षा रणनीति को मजबूत करने के लिए, चीन के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और उद्योग के राष्ट्रीय रक्षा प्रशासन के एक विशेष परियोजना केंद्र ने भर्ती नोटिस जारी किया है. इसमें "ग्रह रक्षा पद" के लिए तीन रिक्तियों को सूचीबद्ध किया गया है. यह केंद्र उन स्नातकों की तलाश कर रहा है, जो क्षुद्रग्रह निगरानी प्रणाली विकसित करने और प्रारंभिक चेतावनी विधियों पर काम कर सकें. इन विशेषज्ञों को पृथ्वी के करीब आने वाले संभावित खतरनाक क्षुद्रग्रहों की पहचान करने और उनसे बचाव की रणनीति तैयार करने की जिम्मेदारी दी जाएगी.
यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) ने हाल ही में 2024 YR4 क्षुद्रग्रह के पृथ्वी से टकराने की संभावना को 2.2% तक अपडेट किया है. यह संभावना अंतरराष्ट्रीय निगरानी सीमा को पार कर गई है, जिससे वैश्विक क्षुद्रग्रह प्रतिक्रिया तंत्र सक्रिय हो गया है. 2024 YR4 की खोज दिसंबर 2024 में हवाई विश्वविद्यालय के खगोल विज्ञान संस्थान द्वारा की गई थी। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह क्षुद्रग्रह 40 से 90 मीटर (130 से 300 फीट) चौड़ा हो सकता है। यदि यह पृथ्वी से टकराता है, तो यह बड़े पैमाने पर तबाही ला सकता है।
यह पहली बार नहीं है जब क्षुद्रग्रह टकराव का खतरा मंडरा रहा है. 2013 में, एक 20 मीटर चौड़ा क्षुद्रग्रह रूस के चेल्याबिंस्क क्षेत्र में गिरा था. उस विस्फोट की ऊर्जा लगभग 30 परमाणु बमों के बराबर थी. इस घटना में 300 से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा और करीब 1,500 लोग घायल हुए थे.
चीन, ESA और अन्य वैश्विक अंतरिक्ष एजेंसियां अब इस तरह संभावित खतरों से निपटने के लिए पहले से ही तैयार रहना चाहती हैं. यहीं काराण है कि चीन ने ग्रह रक्षा विशेषज्ञों की भर्ती तेज कर दी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में समय पर प्रतिक्रिया दी जा सके. First Updated : Tuesday, 11 February 2025