शांति की कोशिशों से थक गया कतर, इजराइल-हमास वार्ता में नहीं दिख रही प्रगति

हमास और इजराइल के बीच जारी संघर्ष को खत्म कराने की कतर की कोशिशें अब थकावट और निराशा में बदल गई हैं. कतर लंबे समय से अमेरिका और मिस्र के साथ मिलकर युद्धविराम की मध्यस्थता कर रहा है, लेकिन प्रगति बेहद धीमी है.

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हमास और इजराइल के बीच जारी खूनी संघर्ष को खत्म करने की तमाम कोशिशों के बावजूद अब कतर थक चुका है. लंबे समय से दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की कोशिशें कर रहा कतर अब इस प्रक्रिया में आ रही सुस्ती और असफलता से निराश है. खासतौर से जब गाजा में हालात दिन-ब-दिन खराब होते जा रहे हैं और नागरिकों की जान पर बन आई है.

कतर अमेरिका और मिस्र के साथ मिलकर युद्धविराम की कोशिशों में जुटा हुआ है. लेकिन इजराइल की आक्रामक रणनीति और हमास के साथ असहमति के चलते कोई स्थायी समाधान सामने नहीं आ पा रहा. ऐसे में कतर के मुख्य वार्ताकार ने सार्वजनिक तौर पर अपनी नाराजगी जाहिर की है.

बातचीत में आ रही सुस्ती से निराश कतर

कतर के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद अल-खुलैफी ने समाचार एजेंसी AFP को दिए इंटरव्यू में कहा, “हम निश्चित रूप से बातचीत की प्रक्रिया में कभी-कभी होने वाली सुस्ती से निराश हैं. यह एक जरूरी मामला है. अगर इजराइल का अभियान दिन-प्रतिदिन जारी रहा तो गाजा के लोगों की जान दांव पर लग सकती है.” 

खुलैफी का यह बयान उस समय आया है जब गाजा में इजराइली हमलों के चलते लगातार मौतें हो रही हैं और युद्धविराम की कोई स्पष्ट दिशा नजर नहीं आ रही.

मार्च में भी टूटा था सीजफायर

साल की शुरुआत में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्ताव पर एक सीजफायर हुआ था, लेकिन 18 मार्च को इजराइल ने उस समझौते को तोड़ दिया. इसके बाद से ही कतर एक बार फिर से दोनों पक्षों को टेबल पर लाने की कोशिश कर रहा है. खुलैफी ने बताया, “हम पिछले दिनों से लगातार दोनों पक्षों को एक साथ लाने और दोनों पक्षों की ओर से समर्थित समझौते को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रहे हैं.” 

मध्यस्थता में अमेरिका और मिस्र भी शामिल

कतर अकेला नहीं है, बल्कि अमेरिका और मिस्र भी इस जटिल वार्ता प्रक्रिया का हिस्सा हैं. हालांकि, इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कतर पर हमास की मदद करने के आरोप लगाए हैं, जिससे स्थिति और भी संवेदनशील बन गई है. इस सबके बीच कतर का यह साफ कहना है कि वह तमाम मुश्किलों के बावजूद शांति स्थापित करने की कोशिशों से पीछे नहीं हटेगा.

गाजा में इजराइली हमलों से बिगड़े हालात

जैसे-जैसे जंग लंबी खिंच रही है, गाजा में मानवीय संकट गहराता जा रहा है. इजराइल ने गाजा में आने वाली तमाम मानवीय सहायता को रोक दिया है. अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो दिनों में इजराइली हमलों में करीब 90 फिलिस्तीनी नागरिक मारे गए हैं. स्थिति लगातार बिगड़ रही है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर दबाव बढ़ रहा है कि वह हस्तक्षेप करे और किसी समाधान तक पहुंचे. First Updated : Monday, 21 April 2025