नई दिल्लीः रूस-यूक्रेन युद्ध में एक बार फिर तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. रूस के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने यूक्रेन के खिलाफ अपनी नई इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) ओरेश्निक का इस्तेमाल किया है. यह इस मिसाइल का युद्ध में दूसरा प्रयोग बताया जा रहा है. इससे पहले नवंबर 2024 में इसका पहला इस्तेमाल यूक्रेन के डिनप्रो शहर पर हमले के दौरान किया गया था.
रूस के मुताबिक, इस बार हमला यूक्रेन के पश्चिमी ल्विव क्षेत्र में स्थित एक अहम अंडरग्राउंड गैस स्टोरेज फैसिलिटी पर किया गया. यह यूक्रेन की सबसे बड़ी गैस भंडारण साइट्स में से एक मानी जाती है. हमले के बाद पूरे ल्विव ओब्लास्ट में गैस प्रेशर तेजी से गिर गया और कई इलाकों में सप्लाई लगभग ठप हो गई. सर्दियों के मौसम में इस हमले ने यूक्रेन की ऊर्जा व्यवस्था पर गहरा असर डाला है.
रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह हमला 8 और 9 जनवरी 2026 की रात को किया गया. इस दौरान रूस ने कुल 242 ड्रोन और 36 मिसाइलें दागीं, जिनमें ओरेश्निक मिसाइल भी शामिल थी. रूस ने इसे बदले की कार्रवाई बताया और दावा किया कि दिसंबर 2025 में यूक्रेन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निवास पर ड्रोन हमले की कोशिश की थी. हालांकि यूक्रेन ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा कि पुतिन के घर पर किसी तरह का हमला नहीं हुआ.
स्थानीय मीडिया और रूसी सैन्य ब्लॉगर्स के अनुसार, स्ट्राई शहर के पास स्थित गैस स्टोरेज फैसिलिटी को निशाना बनाया गया, जो ल्विव से करीब 66 किलोमीटर और पोलैंड की सीमा से 75 किलोमीटर दूर है. यूक्रेन की वायुसेना ने बताया कि बैलिस्टिक मिसाइल अपनी उड़ान के दौरान लगभग 13,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली. विशेषज्ञ मानते हैं कि यह हमला सर्दियों में यूक्रेन की ऊर्जा आपूर्ति को कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा है.
ओरेश्निक रूस की नई पीढ़ी की हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल मानी जाती है, जो RS-26 रुबेज और यार्स ICBM तकनीक पर आधारित है. इसकी रेंज 3,000 से 5,500 किलोमीटर तक बताई जाती है. यह मिसाइल MIRV तकनीक से लैस है, यानी एक ही मिसाइल से कई अलग-अलग वारहेड अलग-अलग लक्ष्यों पर गिराए जा सकते हैं. यह न्यूक्लियर और पारंपरिक दोनों तरह के वारहेड ले जाने में सक्षम है.
हमले के बाद यूरोप में भी चिंता बढ़ गई है, क्योंकि निशाना बनी साइट पोलैंड सीमा के बेहद करीब है. यूक्रेन के विदेश मंत्री ने इसे यूरोपीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया. वहीं अमेरिका और यूक्रेन ने रूस के कई दावों को खारिज करते हुए कहा कि यह हमला युद्ध की दिशा बदलने से ज्यादा रूस की हताशा को दर्शाता है.
विशेषज्ञों का मानना है कि ओरेश्निक जैसी उन्नत मिसाइलों का इस्तेमाल रूस की सैन्य ताकत का प्रदर्शन जरूर है, लेकिन इससे युद्ध और अधिक खतरनाक हो सकता है. आने वाले दिनों में हमलों के और तेज होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.
First Updated : Friday, 09 January 2026