नई दिल्ली: यूरोप इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है और जून 2026 कई देशों के लिए रिकॉर्ड तोड़ तापमान लेकर आया है. इस दौरान सबसे गंभीर स्थिति फ्रांस में देखने को मिल रही है, जहां तेज गर्मी के बीच राहत पाने की कोशिश में 40 लोगों की जान चली गई. अधिकारियों के अनुसार अधिकांश पीड़ित युवा थे, जो गर्मी से बचने के लिए नदियों, नहरों और तालाबों में तैरने गए थे.
फ्रांस की मौसम एजेंसी ने हाल के दिनों में से मंगलवार को देश के सबसे गर्म दिनों में से एक बताया है. बता दें, दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्रों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जबकि कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया गया है. इसके साथ ही बढ़ती गर्मी को देखते हुए कई सार्वजनिक स्थलों के संचालन समय में बदलाव किया गया है. स्कूलों और परिवहन सेवाओं पर भी इसका असर पड़ा है.
गर्मी का यह संकट केवल फ्रांस तक सीमित नहीं है. ब्रिटेन, स्पेन, इटली और स्विट्जरलैंड समेत कई यूरोपीय देशों में भी तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है. इसके चलते कई स्थानों पर जून महीने के पुराने रिकॉर्ड टूट गए हैं. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक बनी रहने वाली गर्म और शुष्क परिस्थितियां लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन रही हैं.
विशेषज्ञों के मुताबिक, वर्तमान स्थिति के पीछे ओमेगा ब्लॉक नाम की मौसम प्रणाली प्रमुख कारण है. इसके चलते गर्म हवा का दबाव यूरोप के ऊपर स्थिर हो गया है और ठंडी हवाओं का प्रवेश रुक गया है. इसके साथ ही जलवायु परिवर्तन ने भी इस समस्या को और गंभीर बना दिया है.
विश्व मौसम वैज्ञानिक लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि यूरोप में तापमान वैश्विक औसत की तुलना में कहीं अधिक तेजी से बढ़ रहा है. बढ़ते समुद्री तापमान और पिघलती बर्फ की परतें भविष्य में ऐसी चरम मौसमी घटनाओं की आशंका को और बढ़ा सकती हैं. मौसम विभागों के अनुसार वीकेंड तक गर्मी का प्रकोप जारी रह सकता है. इस दौरान प्रशासन ने लोगों से पर्याप्त पानी पीने, अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है First Updated : Wednesday, 24 June 2026