ईरान पर हमले में पहली बार 'ब्लैक टॉमहॉक' का इस्तेमाल, रहस्यमयी हथियार ने बढ़ाई वैश्विक चिंता

ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद जारी वीडियो में पहली बार ‘ब्लैक टॉमहॉक’ क्रूज मिसाइल नजर आई है. US Navy द्वारा दागी गई इस काले रंग की मिसाइल ने सैन्य विशेषज्ञों को चौंका दिया है, क्योंकि इससे पहले इसे किसी ऑपरेशन में सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया था.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: अमेरिका ने ईरान पर हालिया हमले का एक वीडियो जारी किया है, जिसने वैश्विक सैन्य विश्लेषकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. वीडियो में अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत से क्रूज मिसाइल दागते हुए देखा गया, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा एक खास हथियार को लेकर हो रही है-ब्लैक टॉमहॉक क्रूज मिसाइल.

इस हमले में पहली बार काले रंग की टॉमहॉक मिसाइल को ऑपरेशन में देखा गया है. अब तक सफेद या ग्रे रंग की मिसाइलें आम थीं, लेकिन इस ब्लैक वैरिएंट की मौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. विशेषज्ञ इसे अमेरिका की नई रणनीतिक तैयारी और तकनीकी उन्नयन का संकेत मान रहे हैं.

आर्ले बर्क क्लास डिस्ट्रॉयर से हुआ लॉन्च

जारी वीडियो में RGM-109 Tomahawk मिसाइल को आर्ले बर्क क्लास डिस्ट्रॉयर से लॉन्च करते देखा गया. यह मिसाइल टॉमहॉक लैंड-अटैक मिसाइल (TLAM) के रूप में जानी जाती है.

हालांकि, जिस मिसाइल ने सबका ध्यान खींचा वह काले रंग में पेंट की गई थी. इससे पहले इस रंग के वैरिएंट को किसी हमले में सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया था.

ब्लैक टॉमहॉक ने क्यों खींचा ध्यान?

आमतौर पर आधुनिक मिसाइलों को धुंधले ग्रे रंग में पेंट किया जाता है, और अमेरिकी इन्वेंट्री में भी यही प्रचलन रहा है. लेकिन इस बार काले रंग की मिसाइल दिखने से विश्लेषकों के बीच नई बहस शुरू हो गई है.

इसका रंग अमेरिकी इन्वेंट्री में मौजूद स्टेल्थी AGM-158C LRASM से मेल खाता है. वहीं, जमीन पर हमला करने वाली AGM-158 JASSM आमतौर पर फ्लैट ग्रे टोन में नजर आती है.

माना जा रहा है कि काला रंग दुश्मन की नजर से बचने और समुद्री टारगेट पर हमले के दौरान दृश्यता कम करने में मददगार हो सकता है. समुद्र के ऊपर या सतह के करीब उड़ान के दौरान यह रंग मिसाइल को कम दिखाई देने वाला बना सकता है.

रडार और इंफ्रारेड से बचाव की क्षमता

विश्लेषकों के अनुसार, इस नई कोटिंग में रडार-एब्जॉर्बेंट और इंफ्रारेड सप्रेसिव गुण हो सकते हैं. इससे मिसाइल की रडार क्रॉस-सेक्शन कम हो जाती है और एयर डिफेंस सिस्टम के लिए उसे ट्रैक करना कठिन हो सकता है.

इसके नोज सेक्शन में चिन वाली क्रीज जैसी डिजाइन विशेषताएं भी शामिल हैं, जो सामने से रडार सिग्नेचर कम करने में मदद करती हैं. मिसाइल के इनलेट डोर का छोटा v-शेप का ग्रे हिस्सा लॉन्च के बाद पीछे हट जाता है, जिससे यह लगातार गति बनाए रखती है.

क्या यह नई मैरीटाइम स्ट्राइक टॉ महॉक है?

दूसरी संभावना यह जताई जा रही है कि यह नई कोटिंग वाली मिसाइल दरअसल Maritime Strike Tomahawk (MST) हो सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक, यह टैक्टिकल टॉमहॉक (TACOM) के लेटेस्ट ब्लॉक V वेरिएंट का सबवेरिएंट है, जिसे ब्लॉक Va भी कहा जाता है.

The War Zone की रिपोर्ट के अनुसार, MST को एंटी-शिप भूमिका के लिए विशेष रूप से ऑप्टिमाइज़ किया गया है. इसमें मल्टी-मोड गाइडेंस सिस्टम और इमेजिंग इंफ्रारेड सीकर जैसी क्षमताएं शामिल हैं.

ब्लॉक V टॉमहॉक में टू-वे डेटा लिंक भी मौजूद होता है, जिससे उड़ान के दौरान टारगेट अपडेट और कोर्स करेक्शन संभव है. इतना ही नहीं, फायर होने के बाद भी इसका टारगेट बदला जा सकता है और इसे रीटास्क किया जा सकता है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag