म्यांमार में 28 मार्च यानी शुक्रवार को एक शक्तिशाली भूकंप से सबकुछ तबाह हो गया. हजारों लोगों की जान जा चुकी है. जान माल का भारी नुकसान है. म्यांमार में भूकंप से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 1644 लोगों की मौत हो गई है. राहत और बचाव अभियान जारी है. माना जा रहा है कि मरने वालों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है. शुक्रवार को मंडाले के नज़दीक आए भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई, इमारतें और बुनियादी ढांचा ढह गया.
रिपोर्ट के अनुसार, प्लैनेट लैब्स पीबीसी से प्राप्त सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि भूकंप के कारण नेपीताव अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हवाई यातायात नियंत्रण टावर गिर गया है. शनिवार को ली गई तस्वीरों में टावर अपने आधार से अलग हो गया है और उसके अवशेषों के चारों ओर मलबा बिखरा हुआ है. गिरने से यातायात संचालन रुक गया है, क्योंकि सभी रडार और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम टावर से होकर गुजर रहे हैं.
प्लेनेट लैब्स PBC की सैटेलाइट तस्वीर में शनिवार को नेपीडॉ में भूकंप आने के बाद नेपीडॉ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर ढहता हुआ दिखाई दे रहा है. टावर में मौजूद सभी छह एयरपोर्ट कर्मचारियों की मौत हो गई.
म्यांमार के नेपीता अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक वीडियो में वह क्षण कैद हो गया जब छत ढह गई और एयरपोर्ट धुआं-धुआं हो गया. लोग इधर-उधर जान बचाते नजर आए. एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर को हुए नुकसान के कारण चीन से आए बचाव कर्मियों को सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों नेपीता और मांडले के बजाय यांगून में उतरना पड़ा. भूकंप के कारण इमारतें ढह गईं, सड़कें टूट गईं और एक बांध टूट गया, जिससे क्षेत्र में तबाही मच गई.
भारत ने ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत शनिवार को पड़ोसी देश के लिए दो नौसैनिक जहाज भेजे हैं, जबकि शनिवार को बाद में एक फील्ड अस्पताल को हवाई मार्ग से भेजा जाएगा. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यहां एक ब्रीफिंग में यह भी कहा कि इस मानवीय सहायता अभियान के तहत दो और भारतीय नौसैनिक जहाज भी वहां पहुंचेंगे.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि म्यांमार में भारत के राजदूत राहत प्रयासों का समन्वय करने के लिए वर्तमान में राजधानी ने पी ताव में हैं, उन्होंने कहा कि म्यांमार में भारतीय समुदाय के किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की अभी तक कोई सूचना नहीं मिली है. विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत राष्ट्रीय आपदाओं और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान ऐसी स्थितियों में सक्रिय रूप से प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता की भूमिका निभाता रहा है. उन्होंने पिछले साल म्यांमार में आए चक्रवात यागी के मद्देनजर भारत द्वारा प्रदान की गई राहत और सहायता को भी याद किया. First Updated : Sunday, 30 March 2025