अमेरिकी सरकार लौटाएगी 166 अरब डॉलर! ट्रंप के लगाए टैरिफ असंवैधानिक, लाखों आयातकों को मिलेगा रिफंड

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को असंवैधानिक करार दिया है. अब करीब 3.3 लाख आयातकों को 166 अरब डॉलर वापस करने की तैयारी चल रही है, जिसके लिए 45 दिनों में नई प्रणाली तैयार की जाएगी.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: अमेरिका की व्यापार नीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है, जो दुनिया भर के व्यापारियों के लिए राहत भरी साबित हो सकती है. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए अरबों डॉलर के टैरिफ को वापस करने की तैयारी शुरू हो गई है. इस फैसले से न केवल अमेरिकी आयातकों को बड़ा फायदा होगा, बल्कि भारत सहित कई देशों के व्यापार पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है.पिछले महीने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन की आर्थिक नीति के अहम हिस्से रहे कई टैरिफ को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया था. 

अदालत के इस फैसले के बाद अब उन सभी आयातकों को पैसा वापस करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जिन्होंने इन टैरिफ का भुगतान किया था. अमेरिकी सीमा शुल्क एजेंसी के एक अधिकारी ने अदालत को जानकारी दी है कि धनवापसी की पूरी प्रक्रिया के लिए करीब 45 दिनों के भीतर एक नई प्रणाली तैयार की जाएगी. इस व्यवस्था के लागू होने के बाद आयातकों को उनके द्वारा दिए गए टैरिफ की रकम ब्याज सहित वापस की जाएगी.

3.3 लाख आयातकों को मिल सकती है राहत

सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा विभाग के अधिकारी ब्रैंडन लार्ड ने बताया कि सरकार लगभग 3.3 लाख आयातकों को टैरिफ के रूप में वसूले गए करीब 166 अरब डॉलर वापस करने की योजना बना रही है. इसके लिए सरकारी वकील एक संघीय व्यापार न्यायाधीश के साथ व्यापक समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं. अदालत ने हाल ही में एक आदेश जारी करते हुए एजेंसी को निर्देश दिया था कि वह अपनी मौजूदा आंतरिक प्रक्रिया का उपयोग करते हुए जल्द से जल्द धनवापसी शुरू करे. इसी आदेश पर आगे की रणनीति तय करने के लिए बैठक भी बुलाई गई थी.

आयातकों को नहीं करना होगा मुकदमा

अधिकारियों के मुताबिक इस प्रक्रिया को बेहद आसान बनाया जाएगा. आयातकों से केवल न्यूनतम जानकारी मांगी जाएगी और उन्हें अलग से अदालत में मुकदमा करने की आवश्यकता नहीं होगी. आयातक को सिर्फ एक घोषणा पत्र दाखिल करना होगा, जिसमें टैरिफ भुगतान का विवरण देना होगा.

जब यह जानकारी सत्यापित हो जाएगी, तब अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा विभाग धनवापसी की प्रक्रिया शुरू करेगा. यह भुगतान अमेरिकी वित्त विभाग की ओर से एकमुश्त किया जाएगा. खास बात यह है कि अगर किसी आयातक ने कई बार सामान आयात किया है, तब भी उसे एक ही बार में कुल राशि वापस मिल जाएगी.

इलेक्ट्रॉनिक रिफंड प्रणाली में कम पंजीकरण

हालांकि अधिकारियों ने यह भी बताया कि अभी तक बहुत कम आयातकों ने इलेक्ट्रॉनिक रिफंड सिस्टम में पंजीकरण कराया है. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अवैध टैरिफ का भुगतान करने वाले 3,30,000 से अधिक आयातकों में से केवल 21,423 ने ही छह फरवरी से शुरू हुई इलेक्ट्रॉनिक रिफंड प्रणाली में अपना पंजीकरण कराया है. सरकार का मानना है कि जैसे-जैसे प्रक्रिया स्पष्ट होगी, अधिक आयातक इस प्रणाली में शामिल होंगे और उन्हें जल्द ही उनकी राशि वापस मिल सकेगी.

भारत समेत कई देशों को मिल सकता है फायदा

टैरिफ हटने और धनवापसी की इस प्रक्रिया से अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है. भारत जैसे देशों के निर्यातकों के लिए भी यह खबर राहत भरी हो सकती है, क्योंकि इससे अमेरिका के साथ व्यापारिक माहौल पहले से ज्यादा अनुकूल बनने की संभावना है.

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