ईरान पर अब ग्राउंड वॉर! ट्रंप ने जमीनी फौज की तैयार, तेज धमाकों से दहला तेहरान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला करने की तैयारी तेज कर दी है. उन्होंने जमीनी सैन्य अभियान शुरू करने के मजबूत संकेत दिए हैं, जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध शनिवार को अपने आठवें दिन भीषण रूप धारण कर चुका है, जहां दोनों पक्षों से बड़े पैमाने पर हमले हुए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर सबसे बड़ा हमला करने की तैयारी में जुटे हैं और जमीनी सैन्य अभियान शुरू करने के संकेत दिए हैं, जबकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है. 

ट्रंप ने जमीनी हमले की संभावना पर सलाहकारों और रिपब्लिकन नेताओं से चर्चा की है. इस बीच रूस की परोक्ष भूमिका के संकेत मिले हैं, और क्षेत्रीय देशों में तनाव चरम पर पहुंच गया है. ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी थाड सिस्टम को नष्ट करने का दावा किया है, जबकि इजरायल ने ईरानी लड़ाकू विमानों को तबाह करने की बात कही है.

अमेरिकी नौसेना का दावा

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना अब तक ईरान के 42 जहाजों को डुबो चुकी है. ड्रोन हमलों में दुबई एयरपोर्ट का रनवे क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि मरीना टावर पर मलबा गिरने से इमारत में आग लग गई. कुवैत ने तेल उत्पादन में कटौती कर निर्यात पर रोक लगा दी है. अमेरिका और इजरायल ने अपने हजारों नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश पहुंचा दिया है.

भारतीयों की वापसी

भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया कि अब तक 52,000 भारतीयों को स्वदेश लाया जा चुका है. सूत्रों के हवाले से खुलासा हुआ है कि ट्रंप बड़े पैमाने पर पूर्ण युद्ध या व्यापक जमीनी हमले के बजाय स्मार्ट और सटीक रणनीति अपना सकते हैं.
हालांकि व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने इन खबरों को कयास बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने सभी विकल्प खुले रखे हैं और अभी किसी निर्णय पर नहीं पहुंचे हैं.

रूस की कथित भूमिका 

मीडिया के अनुसार, अमेरिका ने आरोप लगाया है कि रूस ईरान को अमेरिकी और इजरायली सैन्य ठिकानों से जुड़ी खुफिया जानकारी उपलब्ध करा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि रूस उपग्रह तस्वीरों के साथ अमेरिकी युद्धपोतों और सैन्य ठिकानों की जानकारी ईरान के साथ साझा कर रहा है. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि वाशिंगटन को पता है कि इस युद्ध में कौन किससे संपर्क कर रहा है. हालांकि, कुछ अधिकारियों ने यह भी कहा कि ईरान के पास फिलहाल इतनी क्षमता नहीं है कि वह इन सूचनाओं का पूरा फायदा उठा सके.

तेहरान में भीषण हमले

इस बीच, शनिवार को तेहरान जोरदार धमाकों से दहल उठा. खबरों के अनुसार, इजरायल ने ईरान के महत्वपूर्ण बंदर अब्बास नौसैनिक अड्डे पर भीषण हमले किए. तेहरान के मेहराबाद हवाई अड्डे पर हमले के बाद आग लग गई. इजरायल का दावा है कि इस हमले में रिवोल्यूशनरी गार्ड के कुद्स बल द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 16 लड़ाकू विमान नष्ट कर दिए गए.

थाड सिस्टम पर ईरानी हमला

ईरान ने मिसाइल हमले में जॉर्डन के मुवाफ्फक सल्ती एयर बेस में तैनात अमेरिकी थाड एयर डिफेंस सिस्टम को नष्ट कर दिया. बता दें कि थाड प्रणाली बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाकर उन्हें रोकने वाले इंटरसेप्टर मिसाइलों को मार्गदर्शन देता है, जो हवा में ही दुश्मन मिसाइलों को नष्ट कर देती हैं. टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस प्लेटफार्म अमेरिका की सबसे उन्नत मिसाइल रक्षा प्रणालियों में से एक है. यह 150-200 किमी दूर से ही बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगा सकता है. इसे अमेरिका का 'आयरन डोम' माना जाता है.

ईरानी राजदूत का बयान

ईरान के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत अमीर सईद इरावनी के अनुसार अमेरिकी-इजरायल के हमलों में अब तक 1332 ईरानी नागरिक मारे जा चुके हैं. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स पर लिखा कि अमेरिका ने क्वेश्म द्वीप पर खारे पानी को पीने योग्य बनानेवाले डीसैलाइनेशन प्लांट पर हमला किया, जिससे 30 गांवों में पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है. इसके जवाब में रिवोल्यूशनरी गार्ड ने बहरीन के जुफैर बेस पर हमले किए. राजधानी मनामा में भी धमाके हुए.

इराक और लेबनान में हमले

शनिवार तड़के इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में अलगाववादी समूहों के तीन ठिकानों पर हमले हुए. लेबनान में जारी इजरायली हमलों में शनिवार को 41 और लोगों की मौत हो गई. वहां अब तक 294 लोग मारे जा चुके हैं. इजरायल के रक्षा मंत्री काट्ज ने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार हिजबुल्ला को निशस्त्र करने के समझौते से पीछे हटती है तो इसका खामियाजा पूरे लेबनान को भुगतना पड़ेगा.

खाड़ी देशों की स्थिति

सऊदी अरब ने विशालकाय शायबाह तेल क्षेत्र पर ईरानी ड्रोन हमले को विफल करने का दावा किया है. यूएई ने कहा कि ईरान के 125 ड्रोन और छह बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया गया है. यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान ने पहली बार देश के नाम संबोधन में कहा कि हम युद्ध के दौर में हैं, लेकिन इसके बाद मजबूत होकर उभरेंगे. नागरिकों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है. अबू धाबी और कुवैत में भी विफल हमले हुए.

इजरायल को हथियार पैकेज 

खबरों के अनुसार अमेरिका ने इजरायल को 15 करोड़ डॉलर के नए हथियार पैकेज की मंजूरी दी है. इस फैसले से इजरायल को 20 हजार बम मिलेंगे.

तुर्की और ब्रिटेन की तैयारी

30 हजार तुर्किए सैनिक भी साइप्रस की उत्तरी सीमा पर मौजूद हैं. ब्रिटेन ने तनाव बढ़ता देख अपने विमानवाहक पोत एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स को तैयार रहने का आदेश दिया है.

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