फाइनल में नया ट्विस्ट, भारत-न्यूजीलैंड मैच कुछ अलग नियमों से, बारिश हुई तो कौन बनेगा चैंपियन? जानें डिटेल में

भारत ने हाल ही में सेमीफाइनल में इंग्लैंड को धूल चटाई थी, लेकिन तब नियम थोड़े अलग थे. अब फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ मेगा टक्कर में ICC ने कुछ खास बदलाव किए हैं. जैसे ज्यादा समय (120 मिनट), रिजर्व डे और बारिश पर अलग नियम, क्या ये भारत के लिए फायदेमंद साबित होंगे?

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

भारत बनाम न्यूजीलैंड का महामुकाबला रविवार को ICC टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंच चुका है, जहां दोनों टीमें ट्रॉफी जीतने के लिए आमने-सामने होंगी. ग्रुप स्टेज से सुपर-8, फिर सेमीफाइनल तक का सफर नियमों में बदलावों के साथ पूरा हुआ है, और अब फाइनल में भी 'प्लेइंग कंडीशंस' में कुछ महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं, खासकर बारिश और रिजर्व-डे को लेकर. 

ये बदलाव मैच के नतीजे को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए क्रिकेट प्रेमियों के लिए इन नियमों को समझना जरूरी है. सेमीफाइनल और फाइनल में न्यूनतम ओवरों से लेकर टाई ब्रेकर तक के प्रावधानों में स्पष्ट अंतर है, जो इस मेगा फाइनल को और रोमांचक बनाता है.

न्यूनतम ओवरों की अनिवार्यता

सेमीफाइनल और फाइनल दोनों नॉकआउट मैचों में एक समान नियम है कि मैच का परिणाम निकालने के लिए कम से कम दस ओवरों का खेल जरूरी है (बशर्ते पहली पारी में कोई टीम पहले ऑलआउट न हो). यदि पहली पारी 9.5 ओवर पर रुक जाती है और बारिश हो जाती है, तो मैच रिजर्व-डे पर जाएगा. यदि रिजर्व-डे पर भी परिणाम संभव नहीं होता, तो मैच रद्द माना जाएगा.

अतिरिक्त समय और रिजर्व-डे का प्रावधान

सेमीफाइनल में 90 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया था, जबकि फाइनल में इसे बढ़ाकर 120 मिनट कर दिया गया है. रिजर्व-डे पर दोनों मैचों में एक्स्ट्रा टाइम 120 मिनट ही रहेगा.

रिजर्व-डे पर मैच शुरू होने का समय

सेमीफाइनल में रिजर्व-डे पर मैच दोपहर तीन बजे से शुरू होता था, लेकिन फाइनल में यदि मैच रिजर्व-डे पर पहुंचता है तो शाम सात बजे से खेल शुरू होगा. दोनों में एक समानता यह है कि मैच जहां रुका था, वहीं से जारी रहेगा. उदाहरण के तौर पर अगर पहले दिन 9.3 ओवर पर रुकता है, तो अगले दिन 9.4 ओवर से शुरू होगा. स्ट्राइक पर बल्लेबाज वही रहेगा और ओवर खत्म करने वाला गेंदबाज भी वही होगा.

टाई ब्रेकर में सबसे बड़ा फर्क

सेमीफाइनल और फाइनल में सबसे बड़ा अंतर टाई या बारिश से मैच धुलने की स्थिति में है. सेमीफाइनल में यदि रिजर्व-डे भी बारिश से प्रभावित होता है, तो सुपर-8 में ऊपर रहने वाली टीम आगे बढ़ती थी. लेकिन फाइनल में ऐसा नहीं होगा. यदि रिजर्व-डे भी धुल जाता है, तो दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित कर दिया जाएगा. ऐसा वैश्विक ट्रॉफी में एक बार 2002 की आईसीसी ट्रॉफी में भारत और श्रीलंका के साथ हुआ था.

सुपर ओवर का नियम

सेमीफाइनल में यदि बारिश या अन्य कारण से सुपर ओवर नहीं हो पाता, तो सुपर-8 में ऊपर रहने वाली टीम फाइनल में पहुंचती थी. लेकिन फाइनल में यदि सुपर ओवर संभव नहीं होता, तो फिर दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित किया जाएगा.

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