Jeddah Tower: सऊदी अरब एक बार फिर दुनिया को चौंकाने की तैयारी में है. जेद्दा टावर जो भविष्य में दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बनने जा रही है. इसका निर्माण कार्य वर्षों के ठहराव के बाद अब दोबारा पूरे जोरों से शुरू हो चुका है. 1,000 मीटर यानी 3,280 फीट से अधिक ऊंचा यह टावर दुबई के बुर्ज खलीफा (828 मीटर) को पीछे छोड़ देगा और वास्तुशिल्प कौशल, नवाचार और सऊदी के विज़न 2030 का सबसे शानदार प्रतीक बनेगा. लाल सागर के किनारे बसे शहर जेद्दा में यह निर्माण सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि एक नए शहर की नींव है. जेद्दा इकोनॉमिक सिटी. यह परियोजना न केवल ऊंचाई में, बल्कि तकनीकी दक्षता, शहरी योजना और आर्थिक विविधीकरण की दिशा में सऊदी अरब के प्रयासों को दर्शाती है.
जेद्दा टावर की घोषणा पहली बार 2011 में हुई थी और निर्माण 2013 में शुरू हुआ. हालांकि, 2018 में राजनीतिक और आर्थिक कारणों से काम ठप हो गया. कई सालों तक यह परियोजना अनिश्चितता में घिरी रही. लेकिन 2023 के अंत में नई निविदाओं की घोषणा के साथ टावर की वापसी हुई. जनवरी 2025 से निर्माण कार्य फिर से शुरू हुआ और अब 64वीं मंजिल तक का काम पूरा हो चुका है. हर चार दिन में एक मंजिल बनने की गति इसे तेजी से आगे बढ़ा रही है.
यह टावर अकेले नहीं खड़ा होगा, बल्कि यह 20 अरब डॉलर की लागत से बन रही जेद्दा इकोनॉमिक सिटी का केंद्र बिंदु है. इस मास्टरप्लान में घर, स्कूल, अस्पताल, कार्यालय, सड़कें और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे शामिल हैं. इससे लगभग एक लाख लोगों के लिए आधुनिक, सुव्यवस्थित जीवन की उम्मीद की जा रही है.
बुर्ज खलीफा के डिज़ाइनर एड्रियन स्मिथ ही इस टावर के आर्किटेक्ट हैं. इस बार वह अपनी फर्म Adrian Smith + Gordon Gill Architecture के साथ मिलकर ऊंचाई के साथ-साथ टिकाऊ डिज़ाइन और ऊर्जा दक्षता को भी प्राथमिकता दे रहे हैं. टावर की संरचना को तटीय हवाओं, गर्म जलवायु और भूकंप जैसी परिस्थितियों को सहने के लिए तैयार किया जा रहा है.
जेद्दा टावर के निर्माण में वर्टिकल कंक्रीट पंपिंग जैसी उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल हो रहा है, जिससे अब तक इसकी ऊंचाई 2,624 फीट तक पहुंच चुकी है. इसमें कुल 157 मंजिलें होंगी, जिनमें 59 लिफ्ट, एक लक्ज़री होटल, कार्यालय, आवासीय अपार्टमेंट और विश्व का सबसे ऊंचा अवलोकन डेक भी शामिल होगा.
यह टावर सिर्फ एक वास्तुशिल्प उपलब्धि नहीं, बल्कि सऊदी विजन 2030 का सबसे सशक्त प्रतीक है. एक ऐसा रोडमैप जो देश को तेल-आधारित अर्थव्यवस्था से व्यापार, संस्कृति और पर्यटन का भी काम होगा. NEOM, रेड सी प्रोजेक्ट जैसी अन्य परियोजनाएं इसी रणनीति का हिस्सा हैं, लेकिन जेदा टावर अपनी भव्यता और वैश्विक प्रतीकात्मकता में अद्वितीय है.
यदि सब कुछ योजना के अनुसार चलता रहा, तो यह टावर 2028 तक पूरा हो जाएगा. और जब ऐसा होगा, तो यह केवल दुनिया की सबसे ऊंची इमारत नहीं होगी, बल्कि यह सऊदी अरब की वैश्विक महत्वाकांक्षाओं और तकनीकी नेतृत्व का एक गगनचुंबी एलान होगा.
First Updated : Tuesday, 15 July 2025