नई दिल्ली : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार कारण उनकी कोई घोषणा नहीं, बल्कि एक वायरल वीडियो है. गाजा के लिए गठित 'बोर्ड ऑफ पीस' की उच्च स्तरीय बैठक में ट्रंप को अपनी नींद पर काबू पाने के लिए कड़ा संघर्ष करते देखा गया. जैसे-जैसे वक्ता गंभीर वैश्विक मुद्दों पर अपनी बात रख रहे थे, राष्ट्रपति की पलकें भारी होती गईं. इस व्यवहार ने न केवल वहां मौजूद लोगों को हैरान किया, बल्कि अब पूरी दुनिया में उनकी नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठ रहे हैं.
दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वायरल हो रही इस क्लिप में दिखाया गया है कि जब जैस्पर जेफर्स III अपनी महत्वपूर्ण प्रजेंटेशन दे रहे थे, तब ट्रंप अपनी कुर्सी पर बेसुध बैठे थे. उनकी आंखें बंद थीं और उनका सिर हल्का सा एक तरफ झुक गया था. यह नजारा उस वक्त का था जब गाजा में शांति बहाली जैसे अत्यंत संवेदनशील और गंभीर मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें टिकी हुई थीं. ऐसा लग रहा था कि नींद उन पर पूरी तरह हावी हो चुकी थी.
बता दें कि जैसे ही जेफर्स का भाषण समाप्त हुआ और हॉल में मौजूद लोगों ने उत्साह के साथ तालियां बजानी शुरू कीं, डोनाल्ड ट्रंप की आंखें अचानक खुल गईं. कुछ पलों के लिए वे काफी भ्रमित और हड़बड़ाए हुए नजर आए. उन्हें यह समझने में थोड़ा समय लगा कि सत्र का एक हिस्सा समाप्त हो चुका है. स्थिति को संभालते हुए उन्होंने भी अन्य लोगों के साथ तालियां बजाना शुरू कर दिया, लेकिन तब तक उनका सोने वाला हिस्सा कैमरे में रिकॉर्ड हो चुका था.
ट्रंप की यह नींद केवल एक भाषण तक ही सीमित नहीं रही. जब ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर मंच से वैश्विक सुरक्षा और कूटनीति पर अपनी राय रख रहे थे, तब भी ट्रंप की आंखें बार-बार बंद हो रही थीं. एक शांति पहल की शुरुआत में देश के शीर्ष नेता का इस तरह का व्यवहार कई राजनयिकों के लिए चिंता का विषय बन गया है. गंभीर चर्चा के दौरान उनकी इस सुस्ती ने यह संकेत दिया कि उनका ध्यान बैठक की बारीकियों पर बिल्कुल नहीं था.
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे 'शर्मनाक' करार दिया है. एक यूजर ने कड़ी टिप्पणी करते हुए लिखा कि जब दुनिया के बड़े हिस्से युद्ध की आग में जल रहे हैं और ग्लोबल स्टेबिलिटी पर गंभीर संवाद हो रहा है, तब अमेरिका का राष्ट्रपति सो रहा है. लोगों का कहना है कि यह केवल एक झपकी नहीं, बल्कि कूटनीतिक मंच पर एक बड़ी लापरवाही है. आलोचकों ने इसे अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए एक खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना संकेत बताया है.
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप को किसी महत्वपूर्ण सरकारी बैठक के दौरान सोते हुए पकड़ा गया हो. यूजर्स ने पुरानी कैबिनेट बैठकों की फुटेज का हवाला देते हुए कहा कि वे धीरे-धीरे पलकें नहीं झपका रहे थे, बल्कि वास्तव में सो रहे थे. युद्ध अपराधों की जांच और प्रशासनिक उथल-पुथल के बीच देश के राष्ट्रपति का यह रवैया उनकी गंभीरता पर सवाल खड़ा करता है. कई लोगों का मानना है कि यह स्थिति अमेरिका की आंतरिक और वैश्विक सुरक्षा के लिए जोखिम भरी साबित हो सकती है. First Updated : Friday, 20 February 2026