नई दिल्ली : अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने छह-तीन के फैसले में राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ को अवैध बताया, कोर्ट ने कहा कि आपातकालीन शक्तियों के तहत लगाए गए व्यापक शुल्क अधिकार से बाहर थे, यह फैसला ट्रंप की व्यापार नीति के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, फैसले के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है, ट्रंप प्रशासन की रणनीति पर सवाल उठे हैं, बाजारों में भी इस फैसले को लेकर चर्चा बढ़ी है, कई विशेषज्ञ इसे शक्तियों की सीमा तय करने वाला फैसला मान रहे हैं.
बता दें कि कोर्ट के फैसले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे निराशाजनक बताया. उन्होंने कहा कि प्रशासन के पास बैकअप प्लान तैयार है, व्हाइट हाउस ब्रीफिंग में ट्रंप ने संकेत दिया कि नीति जारी रहेगी, प्रशासन वैकल्पिक कानूनी रास्तों पर काम कर रहा है, आर्थिक सलाहकारों ने भी इसकी पुष्टि की है, उनका कहना है कि व्यापार नीति में बदलाव जल्द दिख सकता है, इससे साफ है कि टैरिफ नीति पूरी तरह खत्म नहीं होगी.
मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने फैसले में स्पष्ट किया कि IEEPA कानून राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देता, कोर्ट ने कहा कि आयात नियंत्रण और टैरिफ अलग विषय हैं, यह निर्णय कांग्रेस की भूमिका को मजबूत करता है, न्यायालय ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा, इससे कार्यपालिका की सीमाएं तय हुईं, कानूनी विशेषज्ञ इसे ऐतिहासिक फैसला बता रहे हैं, इससे भविष्य की नीतियों पर असर पड़ सकता है.
टैरिफ ट्रंप की आर्थिक रणनीति का अहम हिस्सा रहे हैं, उन्होंने इन्हें दबाव और बातचीत के साधन के रूप में इस्तेमाल किया, फैसले से वैश्विक व्यापार पर असर की चर्चा शुरू हुई है, कई देशों को राहत की उम्मीद है, लेकिन नीति का भविष्य अभी स्पष्ट नहीं है, वैकल्पिक कानूनों के इस्तेमाल की संभावना बनी हुई है, इससे व्यापारिक तनाव जारी रह सकता है.
व्हाइट हाउस अर्थशास्त्री केविन हैसेट ने पहले ही बैकअप योजना की बात कही थी, उनका कहना था कि प्रशासन वैकल्पिक अधिकारों का उपयोग कर सकता है, उन्होंने भरोसा जताया कि नीति जल्दी लागू की जा सकती है, यह बयान कोर्ट के फैसले से पहले दिया गया था, इससे प्रशासन की तैयारी का संकेत मिलता है, आर्थिक टीम सक्रिय रूप से विकल्प तलाश रही है, नीति में तेजी से बदलाव संभव माना जा रहा है.
कोर्ट के फैसले के वैश्विक आर्थिक असर पर चर्चा बढ़ी है, टैरिफ नीति में बदलाव से बाजार प्रभावित हो सकते हैं, व्यापारिक साझेदारों की रणनीति बदल सकती है, निवेशकों की नजर आगे के फैसलों पर है, विशेषज्ञ इसे अनिश्चितता का दौर बता रहे हैं, वैश्विक व्यापार संतुलन पर इसका प्रभाव दिख सकता है, आने वाले समय में आर्थिक संकेतक अहम रहेंगे, अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ट्रंप प्रशासन अगला कदम क्या उठाएगा, बैकअप प्लान की रणनीति पर सबकी नजर है, कांग्रेस और न्यायपालिका की भूमिका भी अहम होगी, व्यापार नीति में नया अध्याय शुरू हो सकता है, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सतर्कता बनी रहेगी, विशेषज्ञ मानते हैं कि यह विवाद लंबे समय तक जारी रह सकता है, आने वाले फैसले वैश्विक व्यापार की दिशा तय करेंगे. First Updated : Friday, 20 February 2026