ट्रंप ने किया बड़ा ऐलान, अमेरिका-ईरान वार्ता को मिली मंजूरी!
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट करके जानकारी दी। उन्होंने लिखा, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान ने हमसे 'बातचीत' जारी रखने के लिए कहा है।

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में तनाव फिर बढ़ गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि ईरान ने बातचीत की गुजारिश की है और अमेरिका इसके लिए तैयार है। लेकिन साथ ही उन्होंने साफ कर दिया कि दोनों देशों के बीच हुआ सीज़फायर अब खत्म हो चुका है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में जहाजों पर हमले और दोनों तरफ से जवाबी कार्रवाई के बाद इलाके में तनाव चरम पर पहुंच गया था।
ईरान ने मांगी बातचीत, ट्रंप ने दी हामी
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट करके जानकारी दी। उन्होंने लिखा, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान ने हमसे 'बातचीत' जारी रखने के लिए कहा है। हम ऐसा करने के लिए सहमत हो गए हैं।" लेकिन इसके साथ ही 80 साल के रिपब्लिकन नेता ने चेतावनी भी दे दी। उन्होंने लिखा, "अमेरिका ने उन्हें साफ-साफ बता दिया है कि सीज़फायर खत्म हो गया है! इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद।"
क्यों टूटा शांति समझौता?
दोनों देश तीन महीने से ज्यादा चले संघर्ष के बाद पिछले महीने एक शांति समझौते पर पहुंचे थे। लेकिन होर्मुज़ जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा तीन जहाजों को निशाना बनाए जाने के बाद मामला बिगड़ गया। जवाब में अमेरिकी सेना ने क्षेत्र में ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। ईरान ने भी पलटवार किया और जवाबी हमले किए। हमलों के इस सिलसिले ने शांति समझौते को पूरी तरह बेअसर कर दिया।
होर्मुज़ पर छिड़ी जंग
होर्मुज़ दुनिया की ऊर्जा सप्लाई के लिए सबसे अहम रास्तों में से एक है। दुनिया का करीब पांचवां हिस्सा तेल और गैस यहीं से गुजरता है। ईरान का कहना है कि जलडमरूमध्य अब पूरी तरह उसके नियंत्रण में होना चाहिए और हर जहाज को उसे शुल्क देना चाहिए। वहीं अमेरिका ने इसे खारिज कर दिया है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड CENTCOM ने गुरुवार को X पर कहा, "ईरान का होर्मुज़ पर कोई नियंत्रण नहीं है।" बयान में बताया गया कि मई की शुरुआत से अब तक अमेरिकी सेना ने 800 से ज्यादा वाणिज्यिक जहाजों और 380 मिलियन बैरल कच्चे तेल की सुरक्षित आवाजाही में मदद की है।
CENTCOM ने ये भी कहा कि ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी सेंटर और मिसाइल-ड्रोन स्टोरेज जैसी जगहों को निशाना बनाया गया है। बयान में कहा गया, "अमेरिकी सेना सतर्क और घातक बनी हुई है और कमांडर-इन-चीफ के आदेश पर ऑपरेशन के लिए तैयार है।" अब सवाल ये है कि बातचीत शुरू होगी तो क्या सीज़फायर दोबारा बहाल हो पाएगा, या होर्मुज़ में टकराव और बढ़ेगा।


