Trump-Zelensky meeting: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमिर जेलेंस्की रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने के लिए वाशिंगटन डीसी पहुंचे. यात्रा से पहले उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर कहा कि उनका लक्ष्य रूस के साथ जारी युद्ध को शीघ्र समाप्त करना है. उन्होंने जोर देकर कहा कि शांति केवल अस्थायी नहीं होनी चाहिए बल्कि स्थायी और सुरक्षित होनी चाहिए.
जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि अतीत की गलतियों को दोहराना नहीं चाहिए. 1994 में मिली सुरक्षा गारंटी प्रभावी साबित नहीं हुई थी और क्रीमिया का नुकसान 2014 में रूस के लिए नए आक्रमण का आधार बना. उन्होंने कहा कि जिस तरह 2022 में कीव, ओडेसा और खार्किव को नहीं छोड़ा गया, उसी तरह क्रीमिया को भी कभी नहीं छोड़ा जाना चाहिए था.
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने अपने बयान में यह भी बताया कि डोनेट्स्क और सूमी क्षेत्रों में उनके सैनिकों ने सफलता हासिल की है. उनका विश्वास है कि अमेरिका, यूरोप और सभी साझेदारों की मदद से यूक्रेन अपनी स्वतंत्रता और जमीन की रक्षा कर पाएगा. उन्होंने ट्रंप और अमेरिकी जनता के साथ-साथ यूरोपीय सहयोगियों का आभार जताया और उम्मीद जताई कि सामूहिक शक्ति रूस को शांति के लिए मजबूर करेगी.
व्हाइट हाउस के अनुसार, ट्रंप और ज़ेलेंस्की की द्विपक्षीय वार्ता सोमवार दोपहर 1:15 बजे (स्थानीय समय) होगी. इसके बाद ट्रंप यूरोपीय नेताओं के साथ बहुपक्षीय बैठक करेंगे, जिसमें रूस-यूक्रेन युद्ध और संभावित शांति समाधान पर चर्चा होने की संभावना है.
जेलेंस्की की यह यात्रा खास है क्योंकि फरवरी में एक तूफानी टकराव के बाद वह पहली बार ओवल ऑफिस लौट रहे हैं. पिछली बार हुई वार्ता अचानक समाप्त हो गई थी, जिससे भविष्य में अमेरिकी सहयोग पर संदेह पैदा हो गया था. 28 फरवरी की बैठक में ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने जेलेंस्की की कड़ी आलोचना की थी. उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति पर आरोप लगाया था कि वे तीन साल से मिल रही अमेरिकी सहायता के लिए आभार व्यक्त करने में असफल रहे हैं और अब उन्हें युद्ध को समाप्त करने के लिए त्वरित वार्ता करनी चाहिए.
उस विवादित बैठक ने कीव और वाशिंगटन के संबंधों को झकझोर दिया. जहां बाइडेन प्रशासन के दौरान दोनों देशों के रिश्ते मजबूत हुए थे, वहीं ट्रंप के नेतृत्व में सैन्य सहयोग पर आशंका गहराने लगी है. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विवाद और बढ़ गया जब उपराष्ट्रपति वेंस ने जेलेंस्की को अनादरपूर्ण बताते हुए कहा कि वह ट्रंप की कूटनीतिक पहल के प्रति सम्मान नहीं दिखा रहे.
जेलेंस्की ने पुतिन पर अविश्वास जताते हुए कहा था कि रूस ने कई बार समझौतों का उल्लंघन किया है, इसलिए वार्ता पर भरोसा करना मुश्किल है. इस टिप्पणी से ट्रंप नाराज हो गए, खासकर जब जेलेंस्की ने यह संकेत दिया कि आज अमेरिका सीधे युद्ध में नहीं है, लेकिन भविष्य में पुतिन को खुश करने की रणनीति के गंभीर नतीजे हो सकते हैं.
First Updated : Monday, 18 August 2025