भगवान राम की प्रतिमा पर बवाल, ढाका में सड़कों पर उतरे हजारों लोग, गूंजे जय श्री राम के नारे

बांग्लादेश में भगवान राम की प्रस्तावित विशाल प्रतिमा को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. राजधानी ढाका समेत कई इलाकों में हिंदू समुदाय के लोगों ने विरोध-प्रदर्शन करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

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नई दिल्ली: बांग्लादेश में भगवान राम की प्रस्तावित विशाल प्रतिमा को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. बता दें, राजधानी ढाका समेत कई इलाकों में हिंदू समुदाय के लोगों ने विरोध-प्रदर्शन करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. इस मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया जब रंगपुर क्षेत्र में निर्माणाधीन भगवान राम की प्रतिमा से जुड़े विवाद के दौरान उनकी तस्वीर के कथित अपमान की खबर सामने आई.

जुलूस  निकालकर किया विरोध 

इस घटना के बाद शुक्रवार को ढाका में हजारों लोगों ने मशाल जुलूस निकालकर विरोध किया है. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है. विरोध-प्रदर्शन में विभिन्न हिंदू संगठनों, छात्रों और सामाजिक समूहों ने हिस्सा लिया. बता दें, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. 

क्या है विवाद की जड़ 

जानकारी के अनुसार, विवाद की जड़ गाइबांधा जिले के पलाशबाड़ी में बन रही भगवान राम की 81 फीट ऊंची प्रतिमा है. यह प्रतिमा एक बड़े धार्मिक परिसर का हिस्सा है, जिसमें भगवान कृष्ण और भगवान शिव की प्रतिमाएं भी प्रस्तावित हैं. बताया जा रहा है कि परियोजना का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका था, लेकिन कुछ कट्टरपंथी समूहों के विरोध और धमकियों के बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया है.

लगातार मिल रही थी धमकियां 

मंदिर समिति का कहना है कि परियोजना से जुड़े लोगों को लगातार धमकियां मिल रही थीं, जिसके चलते सामाजिक शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निर्माण अस्थायी रूप से रोकने का फैसला लिया गया। इसके चलते समिति ने सरकार से सुरक्षा सुनिश्चित करने और निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराने की मांग भी की है. 

प्रदर्शनकारियों ने दी चेतावनी 

इस बीच प्रदर्शनकारियों ने सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि अगरआरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. कई संगठनों ने देशभर में रैलियां और धरने आयोजित करने की भी घोषणा की है.

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर बहस तेज है. हिंदू संगठनों का कहना है कि धार्मिक स्वतंत्रता और आस्था के सम्मान को सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है. वहीं प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का भरोसा दिलाया है. First Updated : Saturday, 20 June 2026

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