नई दिल्ली: अमेरिका की आजादी के 250 साल पूरे होने का ऐतिहासिक जश्न उस समय अव्यवस्था की भेंट चढ़ गया, जब देश के पूर्वी तट पर भीषण गर्मी और राजधानी वाशिंगटन में आए भीषण तूफान ने भारी बाधा खड़ी कर दी. वाशिंगटन के ऐतिहासिक नेशनल मॉल में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक बड़ी चुनावी रैली और जनसभा होने वाली थी, लेकिन अचानक बिगड़े मौसम के कारण आयोजकों को पूरे इलाके को तुरंत खाली कराने का आपातकालीन आदेश देना पड़ा. खराब मौसम की यह मार केवल राजधानी तक सीमित नहीं रही, बल्कि भीषण लू और आंधी-तूफान के कारण देश के कई अन्य शहरों को भी अपने तय कार्यक्रम या तो रद्द करने पड़े या उनमें बदलाव करना पड़ा.
अमेरिका की 250वीं सालगिरह पर मौसम की मार
अमेरिका के आजादी के 250 साल पूरे होने का जश्न उस समय अव्यवस्था की भेंट चढ़ गया, जब देश के पूर्वी तट पर भीषण गर्मी और राजधानी वाशिंगटन में आए तूफान ने भारी बाधा खड़ी कर दी. यह एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है जब पूरा अमेरिका गंभीर राजनीतिक मतभेदों और ध्रुवीकरण से जूझ रहा है. इस खास मौके पर भी राष्ट्रपति ट्रंप और देश के अन्य बड़े राजनीतिक नेताओं ने देश की मौजूदा स्थिति को लेकर एक-दूसरे के विपरीत और तीखे संदेश जारी किए. इसके बावजूद, देश के कई हिस्सों में लोग परेड, आतिशबाजी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए भारी संख्या में एकजुट हुए.
नेशनल मॉल खाली करने का आदेश और सुरक्षा अलर्ट
'फ्रीडम 250' संगठन की प्रवक्ता डेनिएल अल्वारेज ने बयान जारी कर मैदान में मौजूद सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपनी सुरक्षा के लिए नेशनल मॉल के पास स्थित सरकारी इमारतों और संग्रहालयों के अंदर चले जाएं. आपात स्थिति को देखते हुए वाशिंगटन के अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशनों को भी आम जनता के आश्रय के लिए खोल दिया गया. शाम को करीब 7 बजे 'ग्रेट अमेरिकन स्टेट फेयर' के लाउडस्पीकरों पर अचानक लोगों को इलाका छोड़ने की चेतावनी दी जाने लगी. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नेशनल गार्ड के जवानों ने लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने भी सुरक्षा जांच चौकियों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया, जिससे रात 10 बजे होने वाले राष्ट्रपति ट्रंप के भाषण में देरी हुई. खराब विजिबिलिटी के कारण सेना के हवाई करतब भी रद्द करने पड़े.
विपरीत परिस्थितियों में भी दिखा जनता का उत्साह
भले ही मौसम ने खलल डाला, लेकिन वाशिंगटन पहुंचे आम नागरिकों के जोश में कोई कमी नहीं दिखी. न्यूयॉर्क की रहने वाली 58 वर्षीय टीना हेल अपने तीन पोते-पोतियों के साथ थीं. जब आसमान से तीन सैन्य जेट विमान गुजरे, तो उन्होंने गर्व से कहा कि यह नजारा अमेरिकी होने पर गर्व महसूस कराता है. पेनसिल्वेनिया के डेविड कोश्को और उनकी पत्नी जेनिफर कोश्को वाशिंगटन में एक बेसबॉल मैच देखने आए थे. मरीन कॉर्प्स रिजर्व के पूर्व सैनिक डेविड ने कहा कि अमेरिका के इस 250 साल के सफर का प्रत्यक्ष गवाह बनना एक बेहद अद्भुत अहसास है.
न्यूयॉर्क से लेकर फिलाडेल्फिया तक जश्न
वाशिंगटन के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी मौसम का असर दिखा, लेकिन जश्न पूरी तरह नहीं थमा. खराब मौसम के चलते कनेक्टिकट के हार्टफोर्ड और पेनसिल्वेनिया के हैरिसबर्ग में आतिशबाजी के कार्यक्रमों को पूरी तरह रद्द करना पड़ा. न्यूयॉर्क में स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी के सामने से 43 विशाल जहाजों ने मार्च पास्ट किया. इसके बाद नौसेना के 'ब्लू एंजेल्स' और फ्रांस की हवाई टीम ने आसमान में करतब दिखाए.
आतिशबाजी के साथ शुरू हुआ जश्र्न
फिलाडेल्फिया के इंडिपेंडेंस हॉल के पास दोपहर से ही आतिशबाजी शुरू हो गई. यहां लोग भीषण गर्मी के बावजूद फ्रांस और पराग्वे के बीच चल रहे वर्ल्ड कप मैच का मजा लेने पहुंचे थे. ह्यूस्टन के स्टेडियम में अंतरिक्ष यात्रियों का एक विशेष बधाई संदेश बड़ी स्क्रीन पर दिखाया गया. वहीं, 'माउंट वर्नन' में कई प्रवासियों ने देश के प्रति निष्ठा की शपथ ली और अमेरिकी राष्ट्रगान गाया. First Updated : Sunday, 05 July 2026