US Travel Advisory for Iran: अमेरिका ने अपने नागरिकों को एक बार फिर आगाह किया है कि वे किसी भी हाल में ईरान की यात्रा न करें. अमेरिकी विदेश विभाग ने यह चेतावनी ऐसे समय में जारी की है जब ईरान में अमेरिकी नागरिकों की गलत हिरासत, आतंकवाद, विमानन सुरक्षा को खतरा और फर्जी सरोगेसी सेवाओं जैसी घटनाओं में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इस चेतावनी के साथ ही अमेरिकी सरकार ने एक विशेष वेबसाइट भी लॉन्च की है, जिसका उद्देश्य ईरान यात्रा के जोखिमों को लेकर जागरूकता फैलाना है.
यह चेतावनी अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जारी की. उन्होंने कहा कि यह चेतावनी खासकर उन अमेरिकी नागरिकों के लिए है जिनकी ईरानी पृष्ठभूमि है या जो दोहरी नागरिकता रखते हैं. टैमी ब्रूस ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान की यात्रा अब भी असुरक्षित है, भले ही हाल के हमले रुक गए हों.
ब्रूस ने कहा, "विदेश विभाग एक नई जागरूकता अभियान की शुरुआत कर रहा है, जो अमेरिकियों, विशेष रूप से ईरानी-अमेरिकी नागरिकों को ईरान की यात्रा से जुड़े गंभीर खतरों के बारे में आगाह करता है. ईरानी शासन दोहरी नागरिकता को मान्यता नहीं देता और हिरासत में लिए गए अमेरिकी नागरिकों को कांसुलर सेवाएं देने से मना करता है."
उन्होंने आगे कहा, "हालांकि बमबारी बंद हो गई है, इसका मतलब यह नहीं है कि ईरान यात्रा के लिए सुरक्षित हो गया है. ऐसा बिल्कुल नहीं है. हम एक नई वेबसाइट भी शुरू कर रहे हैं, जो अमेरिकियों को ईरान की यात्रा के प्रति चेतावनी देगी. आप इस वेबसाइट को state.gov पर जाकर आसानी से ढूंढ सकते हैं."
टैमी ब्रूस ने जोर देते हुए कहा, "हमारा संदेश कई भाषाओं में स्पष्ट रूप से उपलब्ध है. हमारी ट्रैवल एडवाइजरी अब भी प्रभाव में है और हम यह बार-बार दोहरा रहे हैं ईरान की यात्रा न करें, खासकर वे लोग जो दोहरी नागरिकता रखते हैं या जिनकी ईरानी विरासत है. वहां जाना किसी के लिए भी सुरक्षित नहीं है. यह वेबसाइट मौजूदा ट्रैवल एडवाइजरी को और मजबूत करती है, न कि उसे हटाती है."
इस चेतावनी के पीछे की वजह अमेरिका और ईरान के बीच हालिया तनाव भी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हालांकि बातचीत की इच्छा जताई है. उन्होंने कहा, "हम एक मीटिंग करने जा रहे हैं... देखते हैं क्या होता है. हमने ईरान से बातचीत का समय तय किया है. वे बातचीत करना चाहते हैं. मुझे लगता है जब हमने उनके तीन ठिकानों पर हमला किया तो उन्हें बड़ा झटका लगा."
वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भी अमेरिका के साथ बातचीत की इच्छा जताई. लेकिन यह भी कहा कि विश्वास बहाली में अब भी बाधाएं हैं, जिनकी वजह अमेरिका और इज़राइल की पिछली कार्रवाइयां हैं. अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान इस समय कूटनीतिक रूप से सतर्क मुद्रा में है.
22 जून को अमेरिका ने ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के तहत ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमला किया था. इसमें नटांज और फोर्डो जैसे परमाणु ठिकाने, मिसाइल सुविधाएं और आईआरजीसी (IRGC) के ठिकाने शामिल थे. इस हमले में आईआरजीसी के वरिष्ठ अधिकारियों और परमाणु वैज्ञानिकों की मौत भी हुई थी. इसके जवाब में ईरान ने कतर स्थित अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइल हमले किए और अमेरिका की कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून व संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया.
First Updated : Friday, 11 July 2025